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New Delhi : स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। 15 अगस्त के आसपास किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचने के लिए दिल्ली में 2 अगस्त से 16 अगस्त तक ड्रोन समेत सभी छोटे हवाई प्लेटफॉर्म उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश पूरे दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू रहेगा। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। 31 जुलाई को जारी इस आदेश के मुताबिक यह प्रतिबंध 2 अगस्त से प्रभावी होगा और 16 अगस्त तक लागू रहेगा। जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी जारी रखा जा सकता है।
खुफिया इनपुट के बाद लिया गया फैसला
दिल्ली पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में ऐसे इनपुट मिले हैं कि कुछ आपराधिक और असामाजिक तत्व या आतंकवादी छोटे हवाई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने भी आशंका जताई है कि ड्रोन और अन्य उड़ने वाले उपकरणों के जरिए आम लोगों, वीआईपी, संवेदनशील सरकारी इमारतों और स्वतंत्रता दिवस समारोह को निशाना बनाया जा सकता है। इन्हीं आशंकाओं को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाते हुए पूरे शहर में इस तरह की उड़ानों पर रोक लगा दी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
किन चीजों पर रहेगी रोक
दिल्ली पुलिस के आदेश के मुताबिक प्रतिबंध के दौरान पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंगग्लाइडर, यूएवी, यूएएस, माइक्रोलाइट विमान, रिमोट से संचालित विमान, हॉट एयर बैलून, छोटे आकार के संचालित विमान, क्वाडकॉप्टर और विमान से पैरा जंपिंग जैसी सभी गैर-पारंपरिक हवाई गतिविधियों पर रोक रहेगी। मतलब साफ है कि इस अवधि में कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति ऐसे किसी भी उड़ने वाले प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी।
उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और प्रतिबंध के दौरान किसी भी तरह का ड्रोन या अन्य प्रतिबंधित हवाई उपकरण न उड़ाएं। हर साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर होने वाले मुख्य समारोह में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, विदेशी मेहमान और बड़ी संख्या में सुरक्षा बल मौजूद रहते हैं। ऐसे में राजधानी को पूरी तरह सुरक्षित रखना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इसी वजह से इस बार भी समारोह से पहले और उसके तुरंत बाद तक ड्रोन और अन्य छोटे हवाई प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया गया है।
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