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News Samvad : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और आसपास के इलाकों में सोमवार देर रात से हुई मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। 24 घंटों में 247.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर की सड़कों और मोहल्लों में 3 फीट तक पानी भर गया।
करंट लगने से सात की मौत
बाढ़ जैसे हालात में सबसे बड़ा खतरा करंट का बना। अलग-अलग जगहों पर बिजली का करंट फैलने से सात लोगों की मौत हो गई। पानी में डूबे रिहायशी इलाकों और घरों ने स्थिति को और भयावह बना दिया।
यातायात और हवाई सेवाएं प्रभावित
बारिश का असर यातायात पर भी पड़ा। कोलकाता एयरपोर्ट पर पानी भरने के चलते 30 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, जबकि 42 फ्लाइट्स देरी से चलीं। वहीं मेट्रो सेवा शहीद खुदीराम और मैदान स्टेशन के बीच रोक दी गई। हावड़ा और सियालदह डिवीजनों में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
दुर्गा पूजा की तैयारियों पर असर
भारी बारिश का असर बंगाल की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहर दुर्गा पूजा पर भी पड़ा। कई पंडाल डूब गए और सजावट खराब हो गई। इस पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैंने ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी। हमारे घर भी पानी में डूब गए हैं और पूजा पंडालों का नुकसान देखकर बहुत बुरा लग रहा है।”
स्कूल-कॉलेज बंद, छुट्टियां घोषित
बारिश और जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए बंगाल सरकार ने सभी सरकारी स्कूल और कॉलेजों में दुर्गा पूजा की छुट्टियां दो दिन पहले से ही घोषित कर दी हैं। प्रशासन ने लोगों से घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की अपील की है।
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