Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, 27 April, 2026 • 11:03 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » कर्नाटक / विश्वास मत पर बहस के दौरान स्पीकर ने कहा- दुनिया देख रही है, मुझे बलि का बकरा ना बनाओ
देश

कर्नाटक / विश्वास मत पर बहस के दौरान स्पीकर ने कहा- दुनिया देख रही है, मुझे बलि का बकरा ना बनाओ

July 22, 2019No Comments6 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :


स्पीकर ने बागी विधायकों से कहा- 23 जुलाई को 11 बजे तक ऑफिस में मुझसे मुलाकात करें
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के विश्वास मत प्रस्ताव पर गुरुवार और शुक्रवार को विधानसभा में बहस हुई
राज्यपाल ने 2 डेडलाइन देकर शुक्रवार को कुमारस्वामी से बहुमत साबित करने के लिए कहा था
कुमारस्वामी ने राज्यपाल के खिलाफ फ्लोर टेस्ट के लिए डेडलाइन देने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
बसपा प्रमुख मायावती ने अपने इकलौते विधायक से कहा- कुमारस्वामी के पक्ष में वोट दें
बेंगलुरु. कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को भी विश्वास मत पर बहस जारी है। स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि फ्लोर टेस्ट पर फैसला आज ही होगा, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेने से पहले ऐसा ना किया जाए। स्पीकर ने हर सदस्य के बोलने के लिए 10 मिनट का वक्त निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि सभी देख रहे हैं, मुझे बलि का बकरा मत बनाओ। हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहिए। जेडीएस-कांग्रेस विधायकों ने मांग की कि उन्हें बहस के लिए और समय दिया जाए। इस दौरान थोड़ी देर के लिए सदन को स्थगित करना पड़ा। इससे पहले विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले स्पीकर ने अयोग्यता के मुद्दे पर 15 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया। स्पीकर ने विधायकों को 23 जुलाई को 11 बजे तक अपने ऑफिस में बुलाया।

कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने कहा, ”आज मैं एक आदेश पारित करूंगा। सुप्रीम कोर्ट का आदेश समझने में देरी हुई। सभी सदस्य सदन में गरिमा बनाए रखें। यहां समय बर्बाद करने से विधानसभा, स्पीकर और विधायकों की छवि धूमिल होती है।” कुमारस्वामी के विश्वास मत प्रस्ताव पर गुरुवार और शुक्रवार को विधानसभा में चर्चा हो चुकी है।

Advertisement Advertisement

स्पीकर पहले इस्तीफों पर फैसला लें- कांग्रेस

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा- भाजपा कुर्सी चाहती है तो इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रही? वे ऑपरेशन लोटस की बात क्यों नहीं मान रहे हैं? उन्हें बागी विधायकों के संपर्क में होने की बात स्वीकार करनी चाहिए।कांग्रेस विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा- हम असाधारण परिस्थितियों में हैं। मैं स्पीकर से अपील करता हूं कि विश्वास मत के लिए वोटिंगे से पहले वह इस्तीफों पर फैसला लें।

निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दो निर्दलीय विधायकों की याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया। रविवार को कांग्रेस-जेडीएस सरकार से समर्थन वापस लेने वाले दो निर्दलीय विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि सोमवार शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दें। दूसरी ओर, राज्य के इकलौते बसपा विधायक एन महेश को पार्टी प्रमुख मायावती ने कुमारस्वामी के पक्ष में समर्थन करने के निर्देश दिए। इससे पहले एन महेश ने कहा था कि वे फ्लोर टेस्ट के दौरान तटस्थ रहेंगे। हालांकि, विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस के दौरान भी बसपा विधायक सदन में गैर हाजिर थे।

आज कुमारस्वामी सरकार का आखिरी दिन: येदियुरप्पा

रविवार को मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कांग्रेस-जेडीएस विधायकों के साथ ताज होटल में बैठक की। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह देश में अनैतिक राजनीति का नया बेंचमार्क है। उधर, भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने फिर से कहा कि सोमवार को गठबंधन सरकार का आखिरी दिन होगा। उधर, मुंबई में मौजूद बागी विधायकों ने कहा, ”हम यहां सिर्फ गठबंधन (कांग्रेस-जेडीएस) सरकार को सबक सिखाने के लिए आए हैं। इसके अलावा कोई दूसरा मकसद नहीं है। हम यहां पैसे या किसी दूसरी चीज के लालच में नहीं आए। एक बार सबकुछ ठीक हो जाए, फिर बेंगलुरु लौट जाएंगे।”

कुमारस्वामी ने राज्यपाल की दो डेडलाइन नजरअंदाज कीं
राज्यपाल वजुभाई वाला ने कुमारस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे और फिर शाम 6 बजे तक की डेडलाइन दी थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने इस दिन विश्वास मत साबित नहीं किया। कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा था, ”मेरे मन में राज्यपाल के लिए सम्मान है, लेकिन उनके दूसरे प्रेम पत्र ने मुझे आहत किया। मैं फ्लोर टेस्ट का फैसला स्पीकर पर छोड़ता हूं। मैं दिल्ली द्वारा निर्देशित नहीं हो सकता। मैं स्पीकर से अपील करता हूं कि राज्यपाल की ओर से भेजे गए पत्र से मेरी रक्षा करें।”

गठबंधन सरकार गिराने का माहौल बनाया जा रहा: कुमारस्वामी
मुख्यमंत्री ने येदियुरप्पा के निजी सचिव पीए संतोष के साथ निर्दलीय विधायक एच नागेश की फोटो दिखाते हुए कहा था, ”क्या वाकई उन्हें विधायकों की खरीद-फरोख्त के बारे में 10 दिन पहले ही पता चला? जब से कांग्रेस-जेडीएस सरकार बनी, इसे गिराने के लिए माहौल बनाया जा रहा है। मुझे पहले दिन से पता था कि सत्ता ज्यादा नहीं चलेगी, देखता हूं भाजपा कितने दिन सरकार चला पाएगी? मुद्दे पर बहस होने दीजिए। आप (भाजपा) अभी भी सरकार बना सकते हैं। कोई जल्दी नहीं है। आप सोमवार या मंगलवार को भी सरकार बना सकते हैं। मैं अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल नहीं करूंगा। पहले राजनीतिक संकट पर चर्चा होगी, इसके बाद फ्लोर टेस्ट।”

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने दायर की याचिका
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, इसमें शीर्ष अदालत के 17 जुलाई के फैसले को चुनौती दी गई। दरअसल, कोर्ट ने 17 जुलाई को कहा था कि 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही का हिस्सा बनने के लिए बाध्य न किया जाए। इन विधायकों पर व्हिप लागू नहीं होगी। कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख दिनेश गुंडू राव ने याचिका दायर कर कोर्ट से फैसले पर स्पष्टीकरण की मांग की। इसमें कहा गया है कि कोर्ट का आदेश व्हिप जारी करने के पार्टी के अधिकार को प्रभावित करता है।

जेडीएस ने विधायकों के लिए व्हिप जारी किया था
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने जेडीएस के सभी 37 विधायकों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया था। इनमें उनकी पार्टी के तीन बागी विधायक नारायण गौड़ा, गोपालैया और एच विश्वनाथ भी शामिल हैं। जेडीएस ने कहा है कि अगर विधायक गैर-मौजूद रहते हैं या विश्वास मत के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो दल बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की जाएगी। जबकि, इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वह पार्टी में हैं और सरकार के पक्ष में वोटिंग करेंगे।

कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया। 10 जून को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दे दिया था।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleअक्षय कुमार को इसरो ने दी शुभकामनााएं, चंद्रयान-2 के 23 दिन बाद रिलीज होगी मिशन मंगल
Next Article अमेरिका / ट्रम्प ने बिना बताए समर्थक की शादी में पहुंचकर लोगों को चौंकाया, पक्ष में नारे लगे

Related Posts

Headlines

नहीं रहे पद्मश्री फोटो जर्नलिस्ट रघु राय, तस्वीरों से झकझोर दिया था दुनिया को

April 26, 2026
Headlines

BJP के हो गये राघव चड्ढा समेत AAP के तीन राज्यसभा सांसद

April 24, 2026
Headlines

AAP में बड़ा भूचाल : राघव चड्ढा ने छोड़ी पार्टी, क्या बोल गये… जानें

April 24, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

ब्लैक कॉफी के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, लिवर से दिमाग तक असर

April 27, 2026

सीएम ने लिया सिरमटोली-कांटा टोली फ्लाईओवर का अपडेट, भू-अर्जन जल्द पूरा करने का आदेश

April 27, 2026

शहीदों के बच्चों के लिए बनेगा आवासीय विद्यालय, सीएम ने मांगी रिपोर्ट

April 27, 2026

बैंक में नौकरी का बड़ा मौका, इंडियन बैंक में 350 पदो पर Vacancy

April 27, 2026

पटना हाईकोर्ट का बड़ा झटका, वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों की नौकरी खतरे में

April 27, 2026
Advertisement Advertisement
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.