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News Samvad : गाजीपुर जिला के कोतवाली क्षेत्र के डिलियां गांव की यादव बस्ती में एक दिल दहलाने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अभय यादव उर्फ भुट्टन (32) ने अपनी बहन, मां-बाप को दौड़ा-दौड़ाकर कुल्हाड़ी से काट डाला। मृतकों की शिनाख्त बहन कुसुम (35), पिता शिवराम यादव (70) और मां जमुनी देवी (65) के तौर पर की गई है। इल्जाम है कि 12 बिस्वा खेत की रजिस्ट्री को लेकर हुए विवाद के चलते बेटे ने अपने ही मां-बाप और बहन की हत्या कर दी। इस तिहरे हत्याकांड के बाद आरोपी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ फरार हो गया।
घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे डिलियां गांव में यह खौफनाक वारदात हुई। शिवराम यादव ने करीब एक महीने पहले अपनी बेटी कुसुम के नाम 12 बिस्वा खेत की रजिस्ट्री कर दी थी, जिससे अभय बेहद नाराज था। वह आए दिन अपने माता-पिता से इस बात को लेकर झगड़ा करता था। घटना वाले दिन भी अभय अपने पिता से बहस कर रहा था। इसी बीच कुसुम स्कूटी से अपने निर्माणाधीन घर पर पहुंची।
कुसुम को देखते ही अभय ने कुल्हाड़ी उठाई और उसकी ओर दौड़ा। जान बचाने के लिए कुसुम धान के खेत की ओर भागी, लेकिन अभय ने उस पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। चीख-पुकार सुनकर बचाने दौड़े पिता शिवराम को भी अभय ने कुल्हाड़ी से काट डाला। इसके बाद मां जमुनी देवी, जो गोबर से लिपाई कर रही थीं, को भी अभय ने नहीं बख्शा और उनकी भी निर्मम हत्या कर दी।

ग्रामीणों में दहशत, कोई नहीं आया सामने
हत्याकांड के बाद गांव में इतना खौफ फैल गया कि किसी ने भी अभय को रोकने की हिम्मत नहीं की। वारदात के बाद वह अपनी बीवी और बच्चों के साथ बाइक से मुख्य मार्ग से फरार हो गया। ग्रामीण इस घटना पर कुछ बोलने को भी तैयार नहीं थे।
बॉडी को खाट पर सड़क तक पहुंचाया
घटनास्थल सड़क से करीब 50 मीटर दूर एक कच्चे रास्ते पर था। पुलिस ने तीनों बॉडी शिवराम, जमुनी देवी और कुसुम को खाट पर रखकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद बॉडी को पिकअप वाहन से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पंचायत भी नहीं सुलझा सकी विवाद
ग्रामीणों के अनुसार जमीन को लेकर अभय और उसके परिवार में तनाव लंबे समय से चल रहा था। कुछ दिन पहले रिश्तेदारों और गांव वालों ने पंचायत कर विवाद सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन अभय और उसकी पत्नी की नाराजगी कम नहीं हुई। ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि अभय इस बात से नाराज था कि उसकी बहन कुसुम के नाम जमीन की रजिस्ट्री की गई।
कुसुम रहती थी मायके में
कुसुम अपने पति से अलग होने के बाद पिछले सात साल से मायके में रह रही थी और गांव में ही अपना मेडिकल स्टोर चलाती थी। रक्षाबंधन की तैयारी में जुटी कुसुम को शायद ही अंदाजा था कि उसका सगा भाई उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई
वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाल दीनदयाल पांडेय पुलिस टीम के साथ स्पॉट पर पहुंचे। करीब तीन बजे बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल से कुल्हाड़ी, खुरपी, मोबाइल फोन और चप्पलें बरामद की हैं। फोरेंसिक टीम ने भी मौके की जांच की। SP डॉ. ईरज राजा, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र प्रसाद और सीओ सिटी शेखर सेंगर ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की। शिवराम यादव के चचेरे भाई और ग्राम चौकीदार अमरनाथ यादव की तहरीर पर अभय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने फरार अभय की तलाश शुरू कर दी है।
SP का बयान
SP डॉ. ईरज राजा ने मीडिया को बताया, “शिवराम यादव ने अपनी बेटी कुसुम को कुछ जमीन रजिस्ट्री कर दी थी। इसी को लेकर उनके बेटे अभय ने अपने पिता, मां और बहन की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। अमरनाथ यादव की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।”
इलाके में मातम
इस भयावह हत्याकांड के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। चट्टी-चौराहों पर लोग इस घटना की चर्चा कर रहे हैं और हर कोई इस क्रूरता से स्तब्ध है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और फरार अभय की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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