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News Samvad : हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन और अशोक लीलैंड के मालिक गोपीचंद हिंदुजा का सोमवार (4 नवंबर) को लंदन में निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन से भारतीय उद्योग जगत में गहरा शोक है।
हिंदुजा ग्रुप को दिलाई वैश्विक पहचान
गोपीचंद हिंदुजा ने हिंदुजा ग्रुप को बैंकिंग, एनर्जी, ऑटोमोटिव और मीडिया जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर स्थापित किया।
संडे टाइम्स रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति करीब 4.02 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी।
उन्होंने अपने जीवन में हिंदुजा ग्रुप को एक अंतरराष्ट्रीय बिजनेस साम्राज्य के रूप में खड़ा किया।
परिवारिक विरासत और शुरुआती जीवन
गोपीचंद हिंदुजा का जन्म 1940 में एक सिंधी व्यापारी परिवार में हुआ था।
उन्होंने जय हिंद कॉलेज, मुंबई से 1959 में स्नातक किया और बाद में वेस्टमिंस्टर यूनिवर्सिटी से ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ लॉ तथा रिचमंड कॉलेज, लंदन से ऑनरेरी डॉक्टरेट ऑफ इकोनॉमिक्स** की उपाधि प्राप्त की।
उनके दादा परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने 1919 में ईरान में एक छोटा मर्चेंट बैंकिंग और ट्रेड बिजनेस शुरू किया था, जिसे गोपीचंद के पिता और बाद में उन्होंने आगे बढ़ाया।
लंदन शिफ्ट और उद्योग में नई शुरुआत
1979 में ईरान की क्रांति के बाद हिंदुजा परिवार लंदन चला गया, जहां गोपीचंद ने हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड की चेयरमैनशिप संभाली।
उनकी अगुवाई में ग्रुप ने अशोक लीलैंड जैसी कंपनी को ग्लोबल पहचान दिलाई।
उनके बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा का 2023 में निधन हो गया था।
उद्योग जगत में शोक की लहर
गोपीचंद हिंदुजा को लोग प्यार से “जीपी” कहकर बुलाते थे। उनके निधन पर भारत और विदेशों के उद्योग जगत के दिग्गजों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने जीवनभर “वेजिटेरियन और नॉन-ड्रिंकर” जीवनशैली अपनाई और पारिवारिक मूल्यों को व्यवसाय में जोड़ा।
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