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Pakur (Jaydev Kumar) : ठंडी हवाओं के बीच जब दीप प्रज्वलन की लौ चमक रही थी, उस दिन बच्चों के सपनों में भी एक नई रौशनी फैल रही थी। प्रोजेक्ट ‘प्रयास – हुनर से होनहार तक’ के तहत जिले में स्थापित भगवान बिरसा मुंडा शिक्षण केंद्र सह पुस्तकालय और जेपीएससी–जेएसएससी निःशुल्क कोचिंग ने आज पहला कदम रखा। डीसी मनीष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार और एडीपीओ पीयूष कुमार ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही केंद्र के भीतर उत्साह का माहौल नजर आया।
स्मार्ट क्लास और आधुनिक सुविधाएं
डीसी मनीष कुमार ने कहा, “यह केंद्र सिर्फ पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने वाला मंच है।” यहाँ स्मार्ट क्लास, सेल्फ स्टडी स्पेस, फॉर्म भरने और प्रिंटआउट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। भविष्य में कैफेटेरिया, रीडिंग रूम और औषधीय गार्डन का भी विकास किया जाएगा। ठंड के मौसम में खुले वातावरण में ग्रुप डिस्कशन के लिए भी खास इंतजाम होंगे। केंद्र में आने वाले विद्यार्थी अब न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे, बल्कि एक सकारात्मक और अनुशासित माहौल में अपने कौशल को निखार पाएंगे।

मेहनत का कोई विकल्प नहीं
डीसी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “रास्ता केवल दिशा दिखाता है, चलना स्वयं पड़ता है। जो मेहनत करेगा, वही आगे बढ़ेगा।” उनके शब्दों में बच्चों के लिए चेतावनी नहीं, बल्कि एक सच्चा मार्गदर्शन छिपा था। उन्होंने केंद्र को स्वच्छ, अनुशासित और सकारात्मक बनाए रखने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में अनुभवी शिक्षक, अधिकारी और विशेषज्ञ भी यहां नियमित कक्षाएं लेंगे।

नई शुरुआत, नए सपने
जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने कहा कि यह केंद्र नई शुरुआत और नए सपनों का प्रतीक है। पुराने भवन को आधुनिक शिक्षण केंद्र में बदलकर सैकड़ों छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह केंद्र जेपीएससी, जेएसएससी, सेना और सुरक्षा बल की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मजबूत मंच साबित होगा।

पुस्तक दान अभियान की शुरुआत
डीसी मनीष कुमार ने स्वयं पुस्तक दान कर पुस्तक दान अभियान का शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य जिले के पुस्तकालयों को समृद्ध करना और बच्चों तथा आमजन में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देना है। एक छोटे छात्र ने कहा, “अब हमें किताबों और कोचिंग दोनों का लाभ मिलेगा। अब हमारे सपनों को उड़ान देने के लिए जगह है।” पाकुड़ में ‘प्रयास’ प्रोजेक्ट न केवल एक शैक्षणिक केंद्र बनकर उभरा है, बल्कि युवाओं के जीवन में उम्मीद की नई किरण भी जगा रहा है।
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