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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के पतरातू का रेलवे ओवरब्रिज। वही जगह, जहां कुछ दिन पहले गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा था। 29 मार्च की फायरिंग के बाद लोग अभी ठीक से उस डर से बाहर भी नहीं निकले थे कि खबर आई, गैंग फिर से लौट रहा है। इस बार भी मकसद वही था, लेवी की धमकी और गोली का डर। लेकिन इस बार कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया। रामगढ़ पुलिस ने समय रहते पूरी साजिश पर पानी फेर दिया। चेकिंग के दौरान हथियार के साथ 7 युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन लोगों के नाम तुषार सिंह (20 वर्ष), मिथुन कुमार (28 वर्ष), अमन अंसारी, कुणाल सिंह उर्फ शिवम सिंह (29 वर्ष), बादल सिंह उर्फ कुणाल कुमार (25 वर्ष), सुमित पाण्डेय (24 वर्ष) और सन्नी बेदिया बताए गए। इन लोगों के पास से पुलिस ने एक देशी रिवॉल्वर, एक देशी पिस्टल और चार जिंदा गोलियां, i20 कार (JH01FF2503), एक लैपटॉप, सात एंड्रॉयड मोबाइल और एक आईफोन जब्त किया है। पुलिस का दावा है कि ये लोग राहुल दुबे गैंग के इशारे पर फिर से फायरिंग की तैयारी में इलाके में घूम रहे थे। इस बात का खुलासा रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने किया।
डर अभी गया नहीं था, और फिर से वही साजिश
रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने मीडिया को बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि MGCPL कंपनी ने ओवरब्रिज का काम दोबारा शुरू कर दिया है। पिछली बार 29 मार्च को फायरिंग हुई थी, उसके बाद भी कंपनी ने काम रोकने के बजाय फिर से मशीनें और मजदूर लगा दिए। सूचना यह थी कि राहुल दुबे गैंग इससे नाराज है। गैंग के लोग लेवी की रकम तय किए बिना काम चालू होने से खफा हैं। और इसी गुस्से में फिर से फायरिंग की तैयारी चल रही है। इलाके में रेकी हो रही थी। कुछ लोग बाइक और कार में घूम रहे थे। मतलब साफ था, माहौल बनाने की तैयारी हो चुकी थी।
एसपी के पास पहुंची खबर और फौरन अलर्ट मोड में आई पुलिस
05 अप्रैल को रामगढ़ एसपी अजय कुमार के पास यह इनपुट पहुंचा। एसपी ने इसे हल्के में नहीं लिया। उन्होंने तुरंत एएसपी सह पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में विशेष टीम बनवाई। सभी थाना और ओपी प्रभारियों को आदेश मिला कि अपने क्षेत्र में एंटी क्राइम चेकिंग चलाएं। सड़क पर गाड़ियों की जांच हो, संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाए और हर मूवमेंट को पकड़ने की कोशिश की जाए। पतरातू अनुमंडल का इलाका कुछ ही देर में पूरी तरह पुलिस के जाल में आ गया।
सड़क पर चेकिंग, और फिर अचानक तेज रफ्तार में भागने लगी गाड़ी
पतरातू रेलवे ओवरब्रिज फाटक के पास मुख्य सड़क पर पुलिस की टीम वाहन जांच कर रही थी। तभी भुरकुंडा की ओर से एक कार आती दिखी, नंबर था JH01FF2503। कार के पीछे एक बाइक भी थी। पुलिस ने दोनों को रुकने का इशारा किया। लेकिन जैसे ही ड्राइवरों ने पुलिस को देखा, दोनों गाड़ियां पलट1कर भागने लगीं। यह वही पल था जिसने पुलिस को यकीन दिला दिया कि मामला कुछ बड़ा है।
बाइक वाले भाग निकले, कार ने गार्डर में मारी टक्कर
बाइक पर सवार दो युवक यू-टर्न लेकर तेजी से निकल गए। पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकी। लेकिन कार चालक की किस्मत साथ नहीं दे पाई। कार पीछे करने के दौरान सड़क किनारे रखे लोहे के गार्डर से टकरा गई। जोरदार झटका लगा और कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार में बैठे तीन लोग घबराकर बाहर निकले और भागने लगे, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया।
पहले पकड़े गए तीन बदमाश, नाम सुनकर पुलिस भी चौकन्ना हो गई
जब पकड़े गए युवकों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपने नाम बताए : पहला तुषार सिंह, उम्र 20 साल, गिद्दी थाना क्षेत्र का रहने वाला। दूसरा मिथुन कुमार, उम्र 28 साल, वही रेलीगढ़ा बाजार का निवासी। तीसरा अमन अंसारी, उम्र 18 साल, भुरकुंडा के रिभर साइड इलाके का रहने वाला। इनकी घबराहट और भागने की कोशिश ने पुलिस को और सतर्क कर दिया।
तलाशी में निकला लोडेड रिवॉल्वर, दो जिंदा गोली भी मिली
पुलिस ने मौके पर ही तीनों की तलाशी ली। तुषार सिंह के पास से दो मोबाइल और कमर के पास छुपाकर रखा हुआ लोडेड देशी रिवॉल्वर मिला। जब रिवॉल्वर खोला गया तो उसमें से दो जिंदा कारतूस निकले।पुलिस ने हथियार के कागजात मांगे तो कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका। बाकी दोनों युवकों के पास से भी मोबाइल बरामद हुए। अब कहानी साफ हो चुकी थी। ये सिर्फ घूमने नहीं निकले थे।
पूछताछ में खुल गया राज, यह वही गैंग है जिसने पहले फायरिंग की थी
पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो बड़ा खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि 29 मार्च को हुई फायरिंग में भी इनका रोल था। बताया गया कि राहुल दुबे के कहने पर तुषार सिंह और मिथुन कुमार ने पहले ओवरब्रिज साइट की रेकी की थी। उसके बाद गैंग के अन्य लोगों के साथ मिलकर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था। मतलब यह वही टीम थी जो पहले भी इलाके में गोलियां चला चुकी थी।
दूसरी पिस्टल भी तैयार थी, और किसी और के पास छुपी हुई थी
पूछताछ के दौरान तुषार ने यह भी बताया कि गैंग के पास एक और हथियार है। वह हथियार उनके किसी साथी के पास रखा गया है। उसी पिस्टल से भी अपराध किया जा सकता था। पुलिस के लिए यह जानकारी बेहद अहम थी, क्योंकि इससे साफ था कि यह सिर्फ एक छोटी घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी प्लानिंग का हिस्सा था।
जंगी ऐप से बातचीत, कोडवर्ड में पहचान, और बाइक वालों की एंट्री
सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब बाइक से भागे दो युवकों के बारे में पूछताछ हुई। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि राहुल दुबे उर्फ मामा ने जंगी ऐप के जरिए बातचीत की थी। उसने कहा था कि भुरकुंडा में दो लोग बाइक से मिलेंगे। पहचान के लिए कुछ कोडवर्ड बताए जाएंगे। योजना यह थी कि बाइक वाले दोनों लोग पीछे-पीछे साथ चलेंगे और फिर सभी मिलकर पतरातू रेलवे क्रॉसिंग ओवरब्रिज साइट पर जाकर फायरिंग करेंगे। यानी पूरी वारदात पहले से तय थी। जगह तय थी। लोग तय थे। और हमला भी तय था।
कार रांची से सेल्फ ड्राइव पर ली गई थी, डिक्की से मिला लैपटॉप
पुलिस ने जब कार के बारे में पूछताछ की तो तुषार ने बताया कि यह कार रांची से सेल्फ ड्राइव पर किराए पर ली गई थी। कार की तलाशी ली गई तो डिक्की से एक लैपटॉप भी बरामद हुआ। पुलिस ने कार, लैपटॉप और बाकी सामान को विधिवत जब्त कर लिया।
अमन अंसारी की निशानदेही पर पिस्टल बरामद
तीनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आगे कार्रवाई तेज की।
अमन अंसारी की निशानदेही पर पुलिस ने एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद कर लिया। अब पुलिस के हाथ में दो हथियार आ चुके थे। इससे साफ हो गया कि वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी थी।
छापेमारी में चार और दबोचे गए, सब एक ही इलाके के निकले
पुलिस ने इसके बाद लगातार छापेमारी अभियान चलाया और चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कुणाल सिंह उर्फ शिवम सिंह, बादल सिंह उर्फ कुणाल कुमार, सुमित पाण्डेय और सन्नी बेदिया शामिल हैं। ये सभी रेलीगढ़ा इलाके के रहने वाले हैं और गिद्दी थाना क्षेत्र से जुड़े बताए गए।
केस दर्ज, आर्म्स एक्ट और BNS की गंभीर धाराएं लगीं
इस पूरे मामले में पतरातू थाना में कांड संख्या 78/2026 पांच अप्रैल को दर्ज किया गया। इसमें BNS 2023 की धारा 111(2)(b), 111(4), 61 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(6), 26, 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
मिथुन ने पुरानी फायरिंग भी कबूली, होली से पहले लेवी को लेकर चली थी गोली
इस केस के दौरान एक और खुलासा हुआ। गिरफ्तार मिथुन कुमार ने बताया कि 03 मार्च को कुज्जू क्षेत्र के सांडी निवासी रवि शर्मा के घर लेवी को लेकर फायरिंग की गई थी। इस मामले में पहले से मांडू (कुज्जू ओपी) थाना कांड संख्या 46/2026 04 मार्च को केस दर्ज है।
एसपी बोले- राहुल दुबे गैंग पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है
रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने साफ कहा है कि राहुल दुबे गैंग और दूसरे आपराधिक गिरोहों के खिलाफ अलग-अलग टीमें बनाकर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गैंग के बाकी फरार अपराधियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।
इलाके में राहत, लेकिन डर अभी बाकी
पतरातू और भुरकुंडा इलाके में इस गिरफ्तारी के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन लोग यह भी कह रहे हैं कि जब तक राहुल दुबे गैंग के बड़े चेहरे पकड़े नहीं जाते, तब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा। ओवरब्रिज का काम फिर से शुरू हो चुका है, लेकिन अब पुलिस की नजर हर मूवमेंट पर है। क्योंकि यह मामला सिर्फ एक फायरिंग का नहीं, बल्कि पूरे इलाके में डर और लेवी की ताकत दिखाने की कोशिश का है। रामगढ़ पुलिस ने फिलहाल इस कोशिश को नाकाम कर दिया है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
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