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Ranchi : झालसा यानी झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर और डालसा रांची के जिला न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष के मार्गदर्शन में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डालसा सचिव रवि कुमार भास्कर की देखरेख में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं मांडर प्रखंड के कटचांचो गांव में आयोजित किया गया। मौके पर राजेश कुमार सिन्हा ने नशा उन्मूलन अभियान ‘डॉन’ और एनडीपीएस एक्ट पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डालसा का मुख्य उद्देश्य नशामुक्त समाज का निर्माण करना है। इसके लिए डालसा लगातार गली, मोहल्लों और कस्बों में कैंप लगाकर जनजागरूकता अभियान चला रहा है। उन्होंने बताया कि निराश्रित और बेसहारा बच्चों को सहारा देने के लिए ‘साथी अभियान’ के तहत कार्य किए जा रहे हैं। जरूरतमंद लोग टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।

90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान की जानकारी
पीएलवी सुमन ठाकुर ने बताया कि 1 जुलाई से शुरू हुआ 90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान का उद्देश्य यह है कि लोग अपने लंबित मामलों को अदालत के बाहर आपसी सहमति से निपटाएं। इससे वादकारियों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सकेगा। अदालतों द्वारा नोटिस भेजे जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक वादों का निपटारा संभव हो सके।
सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई
पीएलवी शमीम अंसारी ने वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन की जानकारी दी। वहीं, बिनिता कुमारी और लखिंद्र गोप ने मैयाँ सम्मान योजना और राज्य सरकार की अन्य लाभकारी योजनाओं के बारे में लोगों को अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में डालसा से जुड़े पीएलवी द्वारा जागरूकता से जुड़े पंपलेट और लिफलेट का वितरण भी किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण और शैक्षणिक स्तर पर लोगों को कानूनी जागरूकता देना और सरकारी योजनाओं से जोड़ना रहा।
इस अवसर पर एलएडीसी डिप्टी राजेश कुमार सिन्हा, पीएलवी सुमन ठाकुर, शमीम अंसारी, बिनिता कुमारी, लखिंद्र गोप, तालिब अंसारी, राजा वर्मा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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