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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले के पीवीटीजी टोलों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। डीसी मेघा भारद्वाज ने साफ कहा है कि पीवीटीजी समुदायों के गांवों और टोलों में बिजली, स्वच्छ पेयजल और सोलर लाइट की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इसे जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए अधिकारियों को जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिला पंचायत शाखा, ग्रामीण विकास विभाग और जेएसएलपीएस द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में डीसी ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पीवीटीजी बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान डीसी मेघा भारद्वाज ने कहा कि जिले के कई पीवीटीजी टोले अब भी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे टोलों की पहचान कर शीघ्र प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने बताया कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सोलर लिफ्ट आधारित जलापूर्ति प्रणाली विकसित करने की योजना है। इसके तहत झरनों के पानी को टंकियों तक पहुंचाकर गांवों में जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए छोटे-छोटे तालाबों का निर्माण भी कराया जाएगा।
धीमी प्रगति वाले प्रखंडों को चेतावनी
बैठक में 15वें वित्त आयोग की योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा भी की गई। अमड़ापाड़ा, हिरणपुर और महेशपुर प्रखंडों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को अगले दस दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। डीसी मेघा भारद्वाज ने कहा कि बिना स्वीकृति किसी भी योजना का भुगतान नहीं किया जाए और सभी अधिकारी वित्तीय नियमों का सख्ती से पालन करें।
ज्ञान केन्द्रों को बनाया जाएगा बच्चों की प्रतिभा का मंच
पंचायत सचिवालयों में संचालित ज्ञान केन्द्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जहां पुस्तकों की कमी है वहां जिला परिषद के माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिया कि ज्ञान केन्द्रों में केवल पुस्तक पढ़ने तक गतिविधियां सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के लिए क्विज, पेंटिंग, रंगोली और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। इसके लिए विद्यालयों और शिक्षकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

आवास योजनाओं में पात्र लाभुकों का ही हो चयन
प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन आवास योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्राम सभाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और केवल पात्र लाभुकों का ही चयन हो। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में फर्जी या अपात्र लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए। पीएम जनमन आवास योजना के तहत जिले में 7,230 आवास स्वीकृत हैं, जिनमें से अब तक 2,868 आवास पूरे हो चुके हैं। अमड़ापाड़ा प्रखंड की धीमी प्रगति पर चिंता जताते हुए उन्होंने इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
महिलाओं और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
जेएसएलपीएस की समीक्षा के दौरान डीसी मेघा भारद्वाज ने लिट्टीपाड़ा और पाकुड़ सदर प्रखंड के सभी लक्षित परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रक्रिया तेज करने और खरीफ मौसम से जुड़े लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही दोना-पत्तल निर्माण, महुआ प्रसंस्करण, कचचू प्रसंस्करण और पारंपरिक वस्त्र निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी बल दिया।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार मिलने पर दी बधाई
बैठक के दौरान डीसी मेघा भारद्वाज ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पूर्वी झिकरहट्टी पंचायत की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है और पंचायत स्तर पर इसी तरह नवाचार और समर्पण के साथ विकास कार्य आगे बढ़ाए जाने चाहिए। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया।
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