Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 28 October, 2026 • 11:10 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » खूंटी: दूसरों का घर रौशन करने वाले कुम्हारों के घरों में अंधेरा
झारखंड

खूंटी: दूसरों का घर रौशन करने वाले कुम्हारों के घरों में अंधेरा

October 23, 2021No Comments3 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto

खूंटी। प्रकाश पर्व दीपावली के मौके पर दूसरों के घरों को रौशन करने और लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा बनाने वाले मिट्टी के पारपंरिक कलाकारों के घर ही अंधेरा है। धन की देवी लक्ष्मी भी उनके दूर हैं। पूरे क्षेत्र में दीपावली की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहां लोग घरों का रंग-रोगन करा रहे हैं और संपन्न लोग परिधान, पटाखे और पकवान के लिए खरीदारी कर रहे हैं, वहीं इस समाज के कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो दीपावली में सर्वाधिक महत्वपूर्ण माने जानेवाले मिट्टी के दीये, खिलौने और भगवान गणेश और लक्ष्मी की छोटी-बड़ी मूर्तियां बनाने में महीनों से लगे हुए हैं, लेकिन सदियों की परंपरा और वंशानुगत पेशे को बाजार और आधुनिकता ने लील लिया है। मिट्टी के दीपक का स्थान बिजली की जगमगाती झालरों ने ले लिया है।

मूर्तियां बनाने वाले कुम्हारों के लिए दीपावली मात्र पर्व न होकर जीवन यापन का एक बड़ा जरिया भी है। इसे विडंबना नहीं तो और क्या कहा जाए कि दीपावली के दिन लोग घरों में जिस लक्ष्मी-गणेश की पूजा, लक्ष्मी के आगमन के लिए करते हैं, उसे गढ़ने वालों कुम्हारों से ही माता लक्ष्मी कोसों दूर रहती है। मिट्टी और लकड़ी की अनुपलब्धता की मार दीपावली में घर-घर प्रकाश से जगमगा देनेवाले दीप, कुलिया बनाने वाले कुम्भकारों पर भी भारी पड़ी है।

पूजा आदि के आयोजनों पर प्रसाद वितरण के लिए इस्तेमाल होने वाली मिट्टी की प्याली, कुल्हड़, मिट्टी के खिलौने और सामाजिक समारोहों में पानी के लिए मिट्टी के ग्लास आदि भी अब प्रचलन में नहीं रह गए हैं। इनकी जगह अब प्लास्टिक ने ले ली है। वहीं पारंपरिक दीप की जगह मोमबत्ती और बिजली के फानूस ने ले ली है। इस कारण भी कुंभकारों की जिंदगी में दिन प्रतिदिन अंधेरा फैलता जा रहा है और वे अपनी पुस्तैनी इस कला और व्यवसाय से विमुख हो रहे हैं।

हर सरकार करती है उपेक्षा

कुम्हारों की माली हालत के संबंध में इस पुश्तैनी पेशे को छोड़ चुके तोरपा के रामशीष महतो कहते हैं कि जब तक मिट्टी की इस पारंपतिक कला को सरकारी संरक्षण नहीं मिलता और उन्हें आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तब तक इसे को बचाना असंभव है। वह कहते हैं कि मेहनत और लागत के अनुरूप कमाई नहीं होने के कारण कुंभकार अपने खनदानी पेशे से विमुख होते जा रह हैं। तोरपा में ही होटल का व्यवसाय करने वाले कुम्हार रवि महतो कहते हैं कि मिट्टी के दीपों और खिलौनों पर भी आधुनिकता का प्रभाव पड़ा है। इसके कारण अब मिट्टी का व्यवसाय लगभग ठप पड़ गया है। अब शहर में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों की मांग काफी बढ़ गई है। इसकी एक वजह इसकी कम कीमत और बेहतर लुक को माना जाता है। वहीं रामधन महतो कहते हैं कि इन दिनों मिट्टी से लेकर जलावन तक की कीमत काफी बढ़ी हुई है। प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों की लागत थोड़ी कम पड़ती है और देखने में अधिक आकर्षक होने के कारण ग्राहक उस ओर आकर्षित हो जाते हैं।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleपेट्रोल-डीजल के दाम में फिर हुआ इजाफा, 35 पैसे प्रति लीटर फिर बढ़े दाम
Next Article बड़े खतरे की आहट, भारत में बढ़ेगा बाढ़ और सूखा जैसा संकट?

Related Posts

झारखंड

वेतन से GPF कट रहा तो निकासी पर रोक क्यों? अजय राय की JUVNL प्रबंधन को दो टूक

October 27, 2026
Headlines

सीएम सम्राट ने राजगीर में फूंकी रग्बी की नई जान, रोंगटे खड़े कर गया ‘हाका’

October 27, 2026
Headlines

नशामुक्त बिहार के लिए CM सम्राट की सीधी हुंकार- बर्बाद नहीं होने देंगे युवाओं का कल

October 27, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 28 अक्टूबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

October 28, 2026

वेतन से GPF कट रहा तो निकासी पर रोक क्यों? अजय राय की JUVNL प्रबंधन को दो टूक

October 27, 2026

6 महीने में 1 लाख सरकारी नौकरियां, CM बोले- सिफारिश नहीं, केवल मेरिट पर मिलेगी पोस्टिंग

October 27, 2026

सीएम सम्राट ने राजगीर में फूंकी रग्बी की नई जान, रोंगटे खड़े कर गया ‘हाका’

October 27, 2026

नशामुक्त बिहार के लिए CM सम्राट की सीधी हुंकार- बर्बाद नहीं होने देंगे युवाओं का कल

October 27, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.