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Pakur (Jaydev Kumar) : सुबह की हल्की ठंड में जब शहर की गलियों में हलचल शुरू भी नहीं होती, उसी वक्त एंडेवर एकेडमी के बाहर कुछ बच्चे किताबें सीने से लगाए खड़े दिख जाते हैं। किसी के हाथ में पुरानी नोटबुक है, तो किसी की आंखों में पहली सरकारी नौकरी का सपना। यही बच्चे ‘प्रोजेक्ट प्रयास’ की असली पहचान हैं, जिनके लिए यह एकेडमी सिर्फ कोचिंग सेंटर नहीं, बल्कि भरोसे की जगह बन चुकी है।
गांव से शहर तक का सफर, सपनों के साथ
इन बच्चों में कई ऐसे हैं जो रोज दूर दराज के गांवों से यहां पहुंचते हैं। किसी के पिता मजदूरी करते हैं, तो कोई किसान परिवार से आता है। पहले प्रतियोगी परीक्षाएं इनके लिए सिर्फ अखबार की खबर हुआ करती थीं, लेकिन अब वही परीक्षाएं इनके रोजमर्रा की पढ़ाई का हिस्सा बन गई हैं।
पढ़ाई का अनुशासन, माहौल में आत्मविश्वास
एंडेवर एकेडमी में सुबह और शाम के अलग अलग बैच चलते हैं। क्लासरूम में सन्नाटा नहीं, बल्कि सवालों की आवाजें सुनाई देती हैं। शिक्षक पढ़ाते हैं, लेकिन उससे ज्यादा बच्चों को भरोसा दिलाते हैं कि मेहनत बेकार नहीं जाएगी। यही वजह है कि यहां पढ़ने वाले छात्रों में आत्मविश्वास साफ दिखता है।
चयन की खबरें बनी प्रेरणा
पिछले दो वर्षों में जब लगभग 40 छात्रों के चयन की खबर आई, तो यह सिर्फ आंकड़ा नहीं था। यह उन बच्चों के लिए उम्मीद थी जो अभी संघर्ष कर रहे हैं। एक छात्र बताता है, “जब हमारे सीनियर का चयन हुआ, तब लगा कि हम भी कर सकते हैं।”

प्रशासन की पहल, बच्चों का सहारा
एंडेवर एकेडमी के संचालन से जुड़े विकास कुमार तिवारी कहते हैं कि यह सफलता सामूहिक प्रयास का नतीजा है। जिला प्रशासन की मदद से यहां नियमित पढ़ाई हो पा रही है। उनका मानना है कि मौजूदा 200 छात्रों में से कई आने वाले समय में सफलता की कहानी लिखेंगे।
आगे की राह और बड़े सपने
डीसी मनीष कुमार का कहना है कि जिला प्रशासन बच्चों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जल्द ही जेपीएससी की कक्षाएं शुरू होंगी, साथ ही एसएससी और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी। मकसद साफ है, गांव के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकें।
उम्मीदों का ठिकाना बनती एकेडमी
एंडेवर एकेडमी आज पाकुड़ के लिए सिर्फ एक शैक्षणिक केंद्र नहीं, बल्कि उन सपनों का ठिकाना है, जिन्हें कभी हालात ने छोटा कर दिया था। यहां हर दिन किताबों के साथ उम्मीदें भी खुलती हैं, और यही ‘प्रोजेक्ट प्रयास’ की सबसे बड़ी जीत है।
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