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Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची ने इस बार हरियाली और स्वच्छता दोनों में नई मिसाल कायम की है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए “स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR)” अभियान में रांची ने पूरे राज्य में आठवां स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि रांची के बच्चे सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि प्रकृति से भी सीखना जानते हैं।
लक्ष्य से ज्यादा पौधे लगाए बच्चों ने
रांची जिले के कुल 3,304 स्कूलों में इस अभियान के तहत 2,31,280 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था। परिणामस्वरूप 2,742 स्कूलों ने 1,52,527 पौधे धरती की गोद में लगाए। यह 65.95% की उल्लेखनीय उपलब्धि दर्शाता है कि बच्चों और शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण को कितनी गंभीरता से अपनाया। राज्य स्तर पर कुल 44,438 स्कूलों ने 31 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा था, जिसमें 57.22% लक्ष्य पूरा हुआ। इस सूची में गुमला जिला पहले स्थान पर रहा, जबकि पलामू सबसे नीचे रहा।
सिर्फ सफाई नहीं, स्थिरता भी लक्ष्य
SHVR अभियान में स्कूलों को कुल 60 मानकों पर आंका गया। इनमें स्वच्छता, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, दिव्यांग सुविधा, समावेशी वातावरण और शैक्षणिक उत्कृष्टता शामिल थे। पहले स्कूलों ने स्वयं मूल्यांकन किया, फिर जिला और प्रखंड स्तर पर निरीक्षण टीमों ने इन आंकड़ों की पुष्टि की।
“यह सिर्फ पौधे नहीं, भविष्य के बीज हैं”
रांची जिला खेल पदाधिकारी विनय कुमार ने कहा, “स्वच्छ और हरित स्कूल परिसर न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना भी जगाते हैं।” आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा।
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