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Ranchi : छठे झारखंड विधानसभा के छठे मॉनसून सत्र की उलटी गिनती शुरू हो गई है। आगामी 06 अगस्त से शुरू होने जा रहे इस महत्वपूर्ण सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को विधानसभा स्थित अध्यक्ष कक्ष में एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी सबसे खास रही। मुख्यमंत्री ने सदन के शांतिपूर्ण और सार्थक संचालन को लेकर सरकार का पक्ष रखा और साफ शब्दों में कहा कि सरकार जनता के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
सदन में जनता के मुद्दों पर सार्थक चर्चा को तैयार सरकार
बैठक के दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं का हवाला देते हुए सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। सीएम सोरेन ने कहा कि विधानसभा केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच नहीं है, बल्कि यह राज्य की सवा तीन करोड़ जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान खोजने का सबसे बड़ा जरिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार सदन के पटल पर विपक्ष की हर जायज बात को सुनेगी और जनहित से जुड़े सभी विषयों पर नियमों के तहत बिंदुवार चर्चा कराएगी।
सुचारू संचालन के लिए स्पीकर की सभी दलों से अपील
सर्वदलीय बैठक में विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने मॉनसून सत्र को सुचारू, गरिमापूर्ण और हंगामामुक्त ढंग से चलाने का खाका पेश किया। स्पीकर ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सदन का समय बर्बाद किए बिना विधायी कार्यों को समय पर पूरा कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उन मतभेदों का प्रकट होना तय नियमों के दायरे में ही होना चाहिए ताकि जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाले इस सत्र का अधिकतम उपयोग हो सके।

विपक्ष और सत्ता पक्ष के दिग्गज रहे मौजूद
विधानसभा परिसर में हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में राजनीति के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी प्रमुख रूप से शामिल हुए। इनके अलावा विधायक प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, अरूप चटर्जी, जयराम कुमार महतो और निर्मल महतो समेत विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी नेताओं ने सत्र की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और अपने-अपने विचार रखने की बात कही, जिसके बाद यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में समाप्त हुई।

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