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Ranchi : झारखंड के ऊर्जा विभाग में काम करने वाले उन तमाम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है, जिनकी उम्र 45 साल से ज्यादा हो चुकी है। दरअसल, 45 वर्ष से अधिक आयु के कर्मियों को नौकरी से हटाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इस पूरे मामले में झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय की एक मजबूत और संवेदनशील पहल रंग लाई है, जिसके बाद बिजली विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा।
अजय राय ने उठाए सरकार की नीतियों पर सवाल
इस मामले को लेकर अजय राय ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और जेएसएससी जैसे अलग-अलग विभागों में बड़े पैमाने पर नौकरियां देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है और अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ ऊर्जा विभाग में बरसों से अपनी सेवाएं दे रहे अनुभवी मानव दिवस कर्मियों को नौकरी से निकालने की तैयारी की जा रही थी। अजय राय ने इस कदम को पूरी तरह श्रमिक विरोधी और अमानवीय बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन कर्मचारियों ने 25 से 30 साल तक अपनी पूरी जवानी बिजली निगम की सेवा में लगा दी, उन्हें सिर्फ उम्र का हवाला देकर नौकरी से हटाना बिल्कुल गलत है। यह उन हजारों परिवारों के भविष्य के साथ सीधे-सीध अन्याय है।
अधिकारियों के साथ अजय राय की अहम बैठक
इसी गंभीर मुद्दे को सुलझाने के लिए अजय राय ने रांची के विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार से मुलाकात की। इस बैठक में अजय राय ने एजेंसी की तरफ से जारी किए गए नोटिस और टेंडर की तकनीकी और कानूनी कमियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने महाप्रबंधक को जमीन की असली हकीकत से रूबरू कराया और साफ किया कि जो कर्मचारी पहले से काम कर रहे हैं, उन्हें केवल 45 साल की उम्र पार करने के आधार पर नौकरी से हटाने का कोई भी कानूनी नियम नहीं है।
महाप्रबंधक ने लिया एक्शन, इन बातों पर बनी सहमति
अजय राय की दलीलों और वास्तविक स्थिति को देखते हुए महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने तुरंत एक सकारात्मक कदम उठाया। उन्होंने जेएमडी (JMD) एजेंसी से बात की और विवादित नोटिस पर तुरंत रोक लगाने के निर्देश दे दिए। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले पर बिजली निगम के मुख्यालय से कानूनी और प्रशासनिक राय ली जाएगी। इस बैठक के दौरान कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण बातों पर सहमति बनी।
नोटिस पर तुरंत रोक : जेएमडी (JMD) एजेंसी ने जिस नोटिस और लिस्ट के जरिए 45 साल से ऊपर के कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी, उस पर तुरंत रोक लगा दी गई है।
उम्र सीमा का नियम सिर्फ नए लोगों के लिए : बैठक में यह साफ किया गया कि 18 से 45 साल की उम्र की जो सीमा है, वह सिर्फ नई नियुक्तियों (नई भर्तियों) के लिए लागू होती है। जो लोग पहले से नौकरी कर रहे हैं, उन्हें 45 साल की उम्र पार करने पर हटा दिया जाएगा, ऐसा कोई भी नियम राज्य सरकार या निगम ने आज तक नहीं बनाया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला : बातचीत के दौरान अजय राय ने ‘उमा देवी बनाम कर्नाटक सरकार’ के मशहूर मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लगातार काम कर रहे कर्मचारियों के हक की रक्षा के लिए एक सही नीति बनाई जानी चाहिए। इस बात पर महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही इसका एक प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजेंगे।

अन्याय हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन : अजय राय
अजय राय ने अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि ऊर्जा विकास श्रमिक संघ किसी भी कीमत पर बरसों से काम कर रहे इन मजदूरों और कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने देगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर भविष्य में दोबारा कभी भी इन कर्मचारियों को हटाने की ऐसी कोई कोशिश की गई, तो संघ चुप नहीं बैठेगा और लोकतांत्रिक तथा कानूनी तरीके से एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
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