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Ranchi : झारखंड की सियासत में इन दिनों जामताड़ा का एक मामला गरमाया हुआ है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि एक तरफ तो प्रसूता (गर्भवती महिला) की लापरवाही से मौत हो जाती है और जब भाजपा इसके खिलाफ आवाज उठाती है, तो सरकार पुलिस को आगे कर देती है। शाह देव ने आरोप लगाया कि झारखंड में इस वक्त लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है और तानाशाही का दौर चल रहा है।
प्रसूता की मौत पर न्याय मांगने वालों को पुलिस का डर
प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रतुल शाह देव ने कहा कि रीना देवी नाम की महिला की मौत के बाद न्याय मांग रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का खेल चल रहा है। सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने में जुटी है। उन्होंने बताया कि जामताड़ा भाजपा के जिला अध्यक्ष सुमित शरण और दूसरे नेताओं के घरों पर पुलिस भेजी गई। पुलिस ने उनके परिवार के लोगों के साथ ऐसा बर्ताव किया जैसे वे किसी बड़े अपराधी के घर आए हों।
शाह देव ने तीखे लहजे में कहा कि सुमित शरण और बाकी नेताओं का कसूर सिर्फ इतना था कि वे जनता की परेशानी को उठा रहे थे। उन्होंने चेतावनी दी कि जामताड़ा पुलिस को वहां के स्थानीय मंत्री इरफान अंसारी के इशारों पर नाचना बंद करना चाहिए और ‘इरफान पुलिस’ बनने के बजाय कानून का पालन करना चाहिए।
सांसद का फोन न उठाना बेहद शर्मनाक
इस पूरे मामले में एक और बड़ी बात सामने आई है। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने इस गंभीर मुद्दे पर बात करने के लिए राज्य के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) को फोन किया था। लेकिन डीजीपी ने न तो उनका फोन उठाया और न ही उनके मैसेज का कोई जवाब दिया। शाह देव ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि एक सांसद का अपना प्रोटोकॉल होता है और अधिकारियों को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने अफसरों को नसीहत दी कि वे सरकार का टूल किट न बनें, क्योंकि सरकारें तो आती-जाती रहती हैं।
नोटिस देने के बजाय सीधे छापेमारी क्यों?
भाजपा ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रतुल शाह देव ने कहा कि अगर भाजपा नेताओं पर अस्पताल में तोड़फोड़ करने का आरोप था, तो पुलिस को बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाना चाहिए था। सीधे घर पर छापेमारी करना यह दिखाता है कि सरकार पूरी तरह से विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि अगर भाजपा नेताओं ने तोड़फोड़ की है, तो सरकार अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज सामने क्यों नहीं लाती?
पीछे नहीं हटेगी भाजपा, आंदोलन की चेतावनी
प्रतुल शाह देव ने साफ कर दिया कि वे सरकार के इस दमन और लाठी-पुलिस के दम से डरने वाले नहीं हैं। मृत महिला को न्याय दिलाने के लिए पार्टी अपनी मांग पर अड़ी रहेगी। भाजपा ने मांग की है कि महिला की मौत के मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच की जाए, लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हो और भाजपा नेताओं के खिलाफ जो राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है, उसे तुरंत रोका जाए। शाह देव ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी जिद नहीं छोड़ी, तो भाजपा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। इस प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी मौजूद रहे।
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