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Giridih : बिहार के लखीसराय में नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के दौरान हुए सॉल्वर गैंग के भंडाफोड़ ने सबको हैरान कर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार की गई छात्राओं में जब झारखंड के गिरिडीह जिले की पूनम कुमारी का नाम सामने आया, तो हर कोई दंग रह गया। पूनम का नाम उछलने के बाद से उनके पैतृक गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
पूनम कुमारी गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के खरटी गांव की रहने वाली हैं। फिलहाल वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं। परिवार का कहना है कि पूनम बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार रही है। उन्हें शक है कि उनकी बेटी किसी बड़े गिरोह के झांसे में आकर इस दलदल में फंस गई है।
जब रविवार को बंद मिला फोन, मीडिया से मिली गिरफ्तारी की खबर
पूनम के पिता बालेश्वर राणा ने बताया कि उनकी बेटी कई सालों से घर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रही है। पिछले आठ-नौ महीनों से वह घर भी नहीं आई थी। रविवार की शाम को जब पिता ने बेटी का हालचाल जानने के लिए फोन किया, तो उसका मोबाइल बंद आ रहा था। इसके बाद जब टीवी और सोशल मीडिया पर खबरें चलने लगीं, तब जाकर परिवार को पता चला कि पूनम को बिहार के लखीसराय में पुलिस ने हिरासत में लिया है। पिता का कहना है कि पुलिस प्रशासन की तरफ से उनके पास कोई आधिकारिक सूचना या फोन नहीं आया। उन्हें जो भी पता चला, वह सिर्फ खबरों के जरिए ही मालूम हुआ।
मां का रो-रोकर बुरा हाल, बोलीं- समझ नहीं आ रहा यह कैसे हुआ
पूनम की गिरफ्तारी की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। घर के एक कोने में उदास बैठी मां मालती देवी बेटी का नाम लेते ही रो पड़ती हैं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की भनक तक नहीं थी। उन्हें अब तक समझ नहीं आ रहा है कि जो बेटी सिर्फ अपनी किताबों की दुनिया में खोई रहती थी, वह अचानक इस विवाद में कैसे आ गई।
2022 में बनी थीं झारखंड टॉपर, डॉक्टर बनने का था सपना
पूनम कुमारी कोई साधारण छात्रा नहीं हैं, बल्कि वह पूरे झारखंड की शान रह चुकी हैं। साल 2021-22 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की इंटर साइंस परीक्षा में उन्होंने पूरे राज्य में पहला स्थान (स्टेट टॉपर) हासिल किया था। 500 अंकों की इस परीक्षा में पूनम ने 469 अंक लाकर सबको चौंका दिया था। उनके नंबर कुछ इस तरह थे:
- सीएमएस : 97
- अंग्रेजी : 96
- बायोलॉजी : 95
- केमिस्ट्री : 92
- फिजिक्स : 89
बीएचयू में कर रही थी बीएससी नर्सिंग
इस शानदार प्रदर्शन के बाद पूनम ने डॉक्टर बनने के अपने सपने को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया। पूनम ने अगस्त 2025 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग में दाखिला लिया था। नवंबर से उसकी नियमित पढ़ाई चल रही थी। परिवार का कहना है कि उसका सपना मेडिकल क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल करना था और वह लगातार अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रही थी। इसी वजह से वह पिछले आठ-नौ महीनों से घर भी नहीं आई थी। पढ़ाई और हॉस्टल की व्यस्तता के कारण उसकी परिवार से फोन पर ही बातचीत होती थी।
पुलिस कर रही है जांच, परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इस समय बिहार पुलिस लखीसराय के इस सॉल्वर गैंग मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का पूरा ध्यान इस बात पर है कि गिरफ्तार की गई छात्राओं की इस गिरोह में क्या भूमिका थी और ये लोग इस रैकेट के संपर्क में कैसे आए।
चूंकि पूनम झारखंड की एक होनहार और मेधावी छात्रा रही हैं, इसलिए इस खबर की चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। पूनम के माता-पिता और रिश्तेदारों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सच सामने आना बेहद जरूरी है ताकि यह साफ हो सके कि उनकी बेटी की असली भूमिका क्या थी और उसे किस तरह इस जाल में फंसाया गया।
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