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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के सिंधी धर्मशाला में इस बार झूलेलाल जयंती सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह लोगों के दिलों को जोड़ने वाला एक भावनात्मक उत्सव बन गया। सुबह से ही यहां हलचल थी, लेकिन यह भीड़ सिर्फ कार्यक्रम की नहीं, बल्कि अपनत्व की थी… जहां हर चेहरा एक-दूसरे से जुड़ा हुआ नजर आ रहा था।
तीन पीढ़ियां, एक ही आस्था
इस आयोजन की सबसे खूबसूरत तस्वीर थी तीन पीढ़ियों का एक साथ होना। दादाजी झूलेलाल की कथा सुना रहे थे, माता-पिता व्यवस्थाओं में जुटे थे और बच्चे रंग-बिरंगे कपड़ों में उत्साह से झूम रहे थे। एक बुजुर्ग महिला ने मुस्कुराते हुए कहा, “हम अपने बच्चों को सिर्फ त्योहार नहीं, अपनी पहचान दे रहे हैं।” यही पहचान है भगवान झूलेलाल से जुड़ी आस्था की।
शोभायात्रा में दिखा सामूहिक भाव
जब झांकी के साथ शोभायात्रा निकली, तो यह सिर्फ एक धार्मिक जुलूस नहीं था, यह एक समुदाय की कहानी थी। सिंधीपाड़ा की गलियों में जैसे हर कदम के साथ इतिहास और परंपरा चल रही थी। भक्ति गीत, ढोल की थाप और “झूलेलाल बेअंत” के जयकारों के बीच लोगों के चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था।
भजन संध्या : जहां सुरों में घुली भावनाएं
रात की भजन संध्या ने माहौल को और भी खास बना दिया। यहां सिर्फ गाने नहीं गाए गए, बल्कि हर शब्द में आस्था और यादें झलक रही थीं। कई लोग आंखें बंद कर झूम रहे थे, तो कुछ चुपचाप बैठे अपने भीतर उस पल को महसूस कर रहे थे।
झूलेलाल जयंती पर आस्था के संग रिश्तों की गर्माहट से सराबोर हुआ पाकुड़, एसपी निधि द्विवेदी क्या बोल गईं… देखें pic.twitter.com/XeQ7Cl0ucp
— News Samvad (@newssamvaad) March 20, 2026
भंडारा : भोजन नहीं, रिश्तों का स्वाद
भंडारे में परोसा गया खाना सिर्फ पेट भरने के लिए नहीं था, बल्कि यह रिश्तों की मिठास का हिस्सा था। कोई खुद से आगे बढ़कर परोस रहा था, तो कोई अपने हाथों से दूसरे को खिलाने में खुशी महसूस कर रहा था। यहां कोई बड़ा-छोटा नहीं था, सब एक ही पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण कर रहे थे।
डीसी मनीष कुमार और एसपी निधि द्विवेदी ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर पाकुड़ के डीसी मनीष कुमार ने जिलेवासियों को सिंधी नववर्ष और झूलेलाल जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और मिल-जुलकर त्योहार मनाने की अपील भी की।
वहीं एसपी निधि द्विवेदी ने भी झूलेलाल जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व शांति, सद्भाव और सामाजिक एकजुटता का संदेश देता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि त्योहार के दौरान सुरक्षा और विधि व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के उत्सव का आनंद ले सकें।
संघर्ष से जन्मी आस्था की कहानी
झूलेलाल की कथा भी इस उत्सव को और गहराई देती है। कहा जाता है कि जब सिंध में लोगों पर अत्याचार बढ़े, तब वरुण देव ने झूलेलाल के रूप में अवतार लेकर उन्हें एकजुट किया और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत दी। यही कारण है कि आज भी यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि साहस और एकता की याद दिलाता है।
नई शुरुआत का संदेश, हर दिल तक
चेटी चंड यानी सिंधी नववर्ष… एक नई शुरुआत का प्रतीक। लेकिन इस आयोजन ने यह भी दिखा दिया कि नई शुरुआत सिर्फ कैलेंडर से नहीं होती, बल्कि लोगों के दिलों में होती है।
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