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Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। CID ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रांची और उत्तर प्रदेश के लखनऊ से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सीआईडी का दावा है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। छापेमारी के दौरान डिजिटल उपकरणों के साथ कई दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
CID के अनुसार, यह कार्रवाई थाना कांड संख्या 16/2026 में दर्ज मामले की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई। रांची और लखनऊ पुलिस की मदद से एक साथ छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
एजेंट से लेकर परीक्षा कराने वाली कंपनी के कर्मचारी तक जांच के दायरे में
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लोहरदगा निवासी उमाकांत उरांव, रांची के रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और धर्मेंद्र कुमार के अलावा लखनऊ निवासी रक्षक सिंह शामिल हैं। CID का इल्जाम है कि उमाकांत उरांव ने न सिर्फ 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कथित रूप से अनुचित तरीके अपनाकर सफलता हासिल की, बल्कि अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने वाले एजेंट की भूमिका भी निभाई।
वहीं रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार पर भी प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी कर सफल होने का आरोप है। सबसे अहम गिरफ्तारी लखनऊ के रक्षक सिंह की मानी जा रही है। सीआईडी के मुताबिक वह जेपीएससी परीक्षा का संचालन करने वाली कंपनी TDPL में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा प्रक्रिया में उसकी भूमिका क्या रही और क्या किसी संगठित नेटवर्क के जरिए पूरी साजिश को अंजाम दिया गया।
डिजिटल साक्ष्य खंगाले जा रहे, जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
सीआईडी ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई डिजिटल और अभिलेखीय साक्ष्य बरामद किए गए हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। सभी साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इनसे परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
CID ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां या पूछताछ हो सकती है।
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