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Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग की अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। सोमवार को CID ने राज्य के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि इनसे भर्ती परीक्षाओं में हुई संभावित गड़बड़ियों की परतें खुल सकती हैं। सीआईडी की टीम ने रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में एक साथ 18 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पहले से दर्ज मामले की जांच के तहत स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई। अधिकारियों के मुताबिक, कई जगहों से ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो जांच को नई दिशा दे सकते हैं।
लैपटॉप, मोबाइल, OMR शीट और बैंक रिकॉर्ड मिले
छापेमारी के दौरान CID ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इनमें कई अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी, एडमिट कार्ड, मार्कशीट और अन्य रिकॉर्ड भी शामिल हैं। अब इन सभी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इन रिकॉर्ड का परीक्षा प्रक्रिया से क्या संबंध है और इनमें किसी तरह की छेड़छाड़ या गड़बड़ी के संकेत तो नहीं हैं।

आरोपी की कई सरकारी नौकरियों में सफलता जांच के दायरे में
सीआईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि मामले का आरोपी अभय तिवारी कई सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सफल रहा था। इसी वजह से अब उसकी पूरी चयन प्रक्रिया की बारीकी से जांच की जा रही है। जिन परीक्षाओं की जांच की जा रही है, उनमें वर्ष 2018 की पुलिस अवर निरीक्षक लिखित परीक्षा, वर्ष 2013 की भारतीय नौसेना भर्ती परीक्षा, वर्ष 2014 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में सहायक पद की परीक्षा, आईआरबी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, वर्ष 2018 की सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल लिखित और टाइपिंग परीक्षा, वर्ष 2014 की नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड पीटी परीक्षा, जेएसएससी पीजीटी शिक्षक भर्ती परीक्षा, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और जेपीएससी की एसीएफ, एफआरओ, एफएसओ तथा 11वीं से 13वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा शामिल हैं।
भर्ती एजेंसियों से मांगे गए पूरे रिकॉर्ड
सीआईडी ने इन सभी परीक्षाओं का आयोजन कराने वाली संबंधित एजेंसियों और संस्थानों से आरोपी के आवेदन पत्र, चयन प्रक्रिया, मूल्यांकन रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। इन रिकॉर्ड का मिलान जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा से किया जाएगा। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि क्या अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में किसी संगठित नेटवर्क के जरिए गड़बड़ी की गई थी या नहीं।

फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद सामने आ सकते हैं नए तथ्य
सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच काफी अहम होगी। इसके साथ ही भर्ती एजेंसियों से मिलने वाले रिकॉर्ड का भी विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद कई नए तथ्य सामने आने की संभावना है। यदि किसी तरह की अनियमितता या संगठित नेटवर्क के सबूत मिलते हैं तो उसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सीआईडी पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
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