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Koderma (Aftab Alam) : सावन की अंतिम सोमवारी पर इस बार ध्वजाधारी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने वाली है। 24 अगस्त को झरनाकुंड धाम से ध्वजाधारी धाम तक होने वाली कांवर पदयात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। लाखों शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा से लेकर यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा तक की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
डीसी उत्कर्ष गुप्ता, एसपी कुमार शिवाशीष और जिले के अन्य अधिकारियों ने कांवर पदयात्रा के रास्ते का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने भीड़ वाले स्थानों, मंदिर के आसपास की व्यवस्था, यातायात, बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट और सुरक्षा इंतजामों को देखा। संबंधित अधिकारियों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
छह से सात जोन में बांटा जाएगा पूरा इलाका
एसपी कुमार शिवाशीष ने कहा कि अंतिम सोमवारी को श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा व्यवस्था में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ एनसीसी के जवानों को भी लगाया जाएगा। भीड़ को संभालने के लिए पूरे इलाके को करीब छह से सात जोन में बांटने की तैयारी की गई है।
हर जोन की जिम्मेदारी एक दंडाधिकारी और एक पुलिस पदाधिकारी के पास होगी। दोनों अधिकारी अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखेंगे और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी भीड़ के बीच मौजूद रहेंगे। इनकी नजर खास तौर पर चोरी, छिनतई और संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी।
एसपी ने बताया कि सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कांवरियों की आवाजाही को देखते हुए जगह-जगह बैरिकेडिंग की जाएगी। जरूरत वाले स्थानों पर ड्रॉप गेट बनाए जाएंगे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है और जहां जो कमी मिली, उसे समय रहते ठीक करने का निर्देश दिया गया है।
मेडिकल टीम, एंबुलेंस और सीसीटीवी से रहेगी नजर
अंतिम सोमवारी को कांवर मार्ग और ध्वजाधारी धाम के आसपास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग के साथ सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने या किसी आपात स्थिति में तत्काल मदद पहुंचाने के लिए मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेगी।
प्रशासन की कोशिश है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद कहीं भी अफरा-तफरी की स्थिति न बने। यातायात को भी व्यवस्थित रखा जाएगा, ताकि कांवरियों के साथ आम लोगों को भी आने-जाने में परेशानी नहीं हो। भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।
जगह-जगह पानी और रोशनी की भी व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवर मार्ग में जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। साफ-सफाई और पर्याप्त रोशनी पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रशासन चाहता है कि 24 अगस्त से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे हो जाएं, ताकि अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
एसपी कुमार शिवाशीष ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि झरनाकुंड धाम से ध्वजाधारी आश्रम तक आने के दौरान प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अमन-शांति के साथ बाबा का दर्शन करें और जलाभिषेक के बाद अपने गंतव्य की ओर लौटें।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की समस्या होने पर श्रद्धालु घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। पुलिस और प्रशासन का प्रयास है कि सावन की अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए सुरक्षा और सुविधा दोनों का पूरा ध्यान रखा जाए।
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