Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, 13 September, 2026 • 08:03 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » रनिया में बांस से संवर रही महिलाओं की किस्मत
झारखंड

रनिया में बांस से संवर रही महिलाओं की किस्मत

September 29, 2021No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

रांची। खूंटी जिले के रनिया प्रखंड के केलो गांव की मीरा बांस से खिलौने, श्रृंगार के साधन, लाइट-कवर, पेन स्टैंड समेत घर के सजावट के सामान का निर्माण करती हैं। खूंटी के जिस इलाके में कभी नक्सलियों के बूटों की थाप गूंजा करती थी, आज उस जिले के नक्सल प्रभावित रनिया प्रखंड के जयपुर पंचायत के केलो गांव में बांस से विभिन्न प्रकार के आकर्षक सजावट सामग्री बनाकर मीरा देवी अपना और गांव का भविष्य संवारने में जुटी हैं।

मीरा देवी अपनी 12 महिलाओं की टीम के साथ बांस से आकर्षक सजावट की सामग्री बनाकर न सिर्फ आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही हैं, बल्कि दर्जनों महिलाओं को भी रोजगार मुहैया कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है। यहां पहले लोग घर की दहलीज के अंदर टोकरी, झोड़ी, सूप,श्रृंगार सहित कई सामग्री बनाकर स्थानीय बाजार में बेच कर अपनी रोजी रोटी चलाते थे लेकिन अब वर्तमान में आधुनिक तरीके से बांस द्वारा लालटेन लैम्प, लैंप ब्लॉक, पेंसिल बॉक्स, पेन स्टैंड सहित कई आकर्षक सजावट सामग्रियां बनाकर बेचने का काम करने लगे हैं। महिला विकास केंद्र तोरपा तथा जेएसएलपीएस के सहयोग से तस्वीर अब बदलने लगी हैं।

auto

शुरुआत में केलो गांव में महिलाएं संगठित नहीं थीं लेकिन महिला विकास केंद्र और आंध्रप्रदेश की टीम ने केलो गांव में महिला समूह बनाने में मदद की। महिला समूह में बचत और बैंक ऋण की सारी प्रक्रिया समझने के बाद बैंक की मदद से वे बकरी पालन, मुर्गी पालन, सब्जी खेती और बांस आधारित उत्पाद मीरा के सहयोग से बनाने लगीं।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleहिंडाल्को प्रबंधन को शहरी क्षेत्र में बाॅक्साइट साइड हटाने के निर्देश
Next Article देश-विदेश में छटा बिखेरने को तैयार तसर सिल्क साड़ियां

Related Posts

Headlines

सुरसंड मुखिया संघ अध्यक्ष से मांगी रंगदारी, पुलिस ने तीन को दबोचा

September 13, 2026
Headlines

ब्रिक्स के जरिए दुनिया में चमके बिहार के सत्तू और मखाना, सीएम सम्राट ने जताया पीएम का आभार

September 13, 2026
Headlines

शराब माफिया के ठिकानों पर रेड करने गयी टीम पर हमला, थानेदार जख्मी

September 13, 2026
Advertisement
auto
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

सुरसंड मुखिया संघ अध्यक्ष से मांगी रंगदारी, पुलिस ने तीन को दबोचा

September 13, 2026

ब्रिक्स के जरिए दुनिया में चमके बिहार के सत्तू और मखाना, सीएम सम्राट ने जताया पीएम का आभार

September 13, 2026

शराब माफिया के ठिकानों पर रेड करने गयी टीम पर हमला, थानेदार जख्मी

September 13, 2026

एक शक के चलते रेत डाला माशूका का गला, कैसे खुला राज… जानें

September 13, 2026

मायके में पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर मार दी माचिस, फिर…

September 13, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.