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News Samvad : झारखंड में मतदाता सूची को और अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान 30 जून से शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और सूची में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
19 जून से शुरू हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम
अभियान शुरू होने से पहले चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की तैयारी पूरी कर ली है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से 19 जून से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।सबसे पहले कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद 20 जून को जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीईओ), अतिरिक्त डीईओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी दिन दोपहर बाद निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) और अतिरिक्त एईआरओ का प्रशिक्षण भी होगा।22 जून को बीएलओ, जबकि 23 से 25 जून तक बीएलओ-2 को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण 27 और 29 जून को आयोजित होगा। पोल ऑब्जर्वरों को 27 जून को ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हर स्तर पर होगी तैयारी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर अभियान चुनावी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इससे जुड़े हर कर्मचारी को पूरी तरह तैयार करना जरूरी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें मतदाता सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, डेटा अपडेट और अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी ताकि पुनरीक्षण के दौरान किसी तरह की गलती न हो।उन्होंने कहा कि आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी योग्य व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित नहीं रहना चाहिए।
81 प्रतिशत मतदाताओं की हो चुकी है मैपिंग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार राज्य में अब तक करीब 81 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। यह संख्या लगभग 1.61 करोड़ मतदाताओं की है।उन्होंने बताया कि जिन लोगों की मैपिंग अभी तक नहीं हो पाई है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर आसानी से मैपिंग करा सकते हैं।
अनमैप मतदाताओं से विशेष अपील
निर्वाचन विभाग ने उन मतदाताओं से भी अपील की है जिनकी जानकारी अभी तक दर्ज नहीं हो पाई है। यदि कोई मतदाता या उसके माता-पिता पहले झारखंड के बाहर किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की एसआईआर मतदाता सूची में दर्ज थे, तो उन्हें बीएलओ के घर पहुंचने पर संबंधित जानकारी उपलब्ध करानी होगी।अधिकारियों का कहना है कि इससे मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाने में मदद मिलेगी और पात्र नागरिकों के नाम सही तरीके से दर्ज किए जा सकेंगे।
क्या होगा फायदा
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर किया जा सकेगा। मृत, स्थानांतरित या अयोग्य मतदाताओं की पहचान होगी, वहीं नए और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाएगा। इससे आने वाले चुनावों में अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

