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Ranchi : झारखंड में पोषण सुरक्षा और कुपोषण से लड़ाई को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। मंगलवार को राजधानी रांची में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला का विषय था “Nutrition and Rice Fortification”। इस कार्यक्रम का आयोजन खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग और PATH के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का मकसद स्पष्ट था… चावल में पोषण तत्वों की कमी को दूर करना और इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाना। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने मिलकर इस बात पर चर्चा की कि कैसे Fortified Rice के माध्यम से आम लोगों तक पोषण सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यशाला में शामिल प्रमुख अतिथियों में डॉ. चंद्रभूषण शर्मा (कुलपति, VBU), सत्येंद्र कुमार (प्रबंध निदेशक, झारखंड राज्य खाद्य निगम), दिलीप तिर्की (निदेशक, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय), अनंत कुमार (उप सचिव, स्वास्थ्य विभाग) और सुशील कुमार (उप सचिव, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग) शामिल थे। विशेषज्ञ वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। श्रीमती रूचिका चुग सचदेव (Gates Foundation), डॉ. गुलफाम अहमद हासमी (IIT दिल्ली), डॉ. डैनी साजी (PATH), डॉ. देवेश कुमार (RIMS), डॉ. अनुपम राय (BIT Mesra), श्रीमती किरण कुमारी (रांची विश्वविद्यालय), डॉ. मनोज कुमार (VBU) और श्री अभिषेक कुमार (PATH) ने अपने अनुभव और शोध प्रस्तुत किए।
कार्यशाला में सभी जिलों के जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी और मध्याह्न भोजन योजना के नोडल अधिकारी भी शामिल हुए। विशेष रूप से चर्चा हुई कि क्यों Rice Fortification जरूरी है और इसे आम जनता तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल खासकर गरीब और वंचित परिवारों के लिए पोषण सुधार की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
कार्यशाला का समापन सुशील कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह की पहल से झारखंड में पोषण सुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।
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