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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के पतरातू प्रखंड की पाली पंचायत के पारगढ़ा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में तीन लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम गांव पहुंची। टीम ने मृतकों के परिजनों से जानकारी ली और आसपास के ग्रामीणों की भी स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान 87 ग्रामीणों की मलेरिया जांच की गई। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान किसी में बुखार के लक्षण नहीं मिले।
एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से मचा हड़कंप
पारगढ़ा गांव में तीन लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में बीमारी को लेकर चिंता बढ़ गई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई। सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने मृतकों के परिजनों और आसपास के लोगों से बातचीत की। उन्होंने परिवार के सदस्यों में बीमारी शुरू होने से पहले सामने आए लक्षणों के बारे में जानकारी ली।
सिविल सर्जन के अनुसार, प्राथमिक तौर पर मृतकों में बुखार के लक्षण नहीं मिले थे। एक छोटे बच्चे को दस्त की शिकायत थी, जबकि उसकी मां को उल्टी हो रही थी। परिवार के बड़े बेटे ने शरीर में दर्द होने की बात बताई थी। इन लक्षणों को देखते हुए शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी मौत की वजह को पक्के तौर पर नहीं माना है। असली कारण रिम्स में भेजे गए जांच नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
87 ग्रामीणों की मलेरिया जांच, किसी में नहीं मिले बुखार के लक्षण
तीन मौतों की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने यह भी जांच की कि कहीं गांव में मलेरिया या किसी दूसरी संक्रामक बीमारी का असर तो नहीं है। टीम ने पारगढ़ा और आसपास के इलाके में 87 ग्रामीणों की मलेरिया जांच की। जांच में किसी भी ग्रामीण में बुखार के लक्षण नहीं पाए गए। इसके बावजूद विभाग ने एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है।
स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से मच्छरदानी इस्तेमाल करने की सलाह दी। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और साफ-सफाई रखने को भी कहा गया। टीम ने ग्रामीणों को समझाया कि किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर घर में इलाज करने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराएं।
बुखार, ठंड या कंपकंपी हो तो तुरंत जांच कराएं
सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी को बुखार, ठंड लगने, कंपकंपी, उल्टी, दस्त या शरीर में दर्द जैसी शिकायत हो तो इसे हल्के में न लें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग गांव की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
निरीक्षण के दौरान एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. सत्य प्रकाश समेत प्रखंड स्वास्थ्य टीम के कई सदस्य मौजूद रहे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की नजर रिम्स से आने वाली जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह साफ होगा कि तीनों मौतों की वास्तविक वजह क्या थी और गांव में किसी बीमारी का खतरा है या नहीं।
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