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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : कोयला श्रमिकों के अधिकारों और संगठन की मजबूती के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे भुरकुंडा निवासी संजय मिश्रा को अखिल झारखंड कोयला श्रमिक संघ (ऐजेकेएसएस) का केंद्रीय सचिव मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन न सिर्फ उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव की पहचान है, बल्कि जमीनी स्तर से उठकर केंद्रीय जिम्मेदारी तक पहुंचने की एक प्रेरक कहानी भी है।
संजय मिश्रा वर्ष 1993 से ऐजेकेएसएस से जुड़े हुए हैं। शुरुआती दौर में उन्होंने शाखा कमेटी से संगठनात्मक काम शुरू किया। मजदूरों की समस्याएं, उनकी मांगें और संघर्ष—इन सबको नजदीक से देखने और समझने का अवसर उन्हें मिला। समय के साथ उन्होंने एरिया स्तर पर भी संगठन की जिम्मेदारी निभाई और हर स्तर पर संगठन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जो मजदूरों की बात न सिर्फ सुनता है, बल्कि उसे मजबूती से उठाता भी है। चाहे मजदूरी से जुड़े मुद्दे हों, कार्यस्थल की सुरक्षा हो या श्रमिक हितों से जुड़े अन्य सवाल—संजय मिश्रा हमेशा संगठन के मंच से आवाज उठाते रहे हैं। यही कारण है कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें केंद्रीय सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
केंद्रीय सचिव बनाए जाने के बाद संजय मिश्रा ने कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि संगठन ने जिस उम्मीद और विश्वास के साथ उन्हें यह जिम्मेदारी दी है, वे उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। उनका लक्ष्य संगठन को और मजबूत करना तथा मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करना है।
उनके मनोनयन से बरका सयाल प्रक्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में उत्साह का माहौल है। संघ के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं—इंद्रदेव राम, विकासकांत सिन्हा, शिवनंदन दास, अजित सिन्हा, शैलेन्द्र सिंह, कमलेश कुमार, कमल सिंह, रामश्रिठ, शंकर कुमार, बिनोद कुमार, बिनोद सिंह, गुरुदयाल ठाकुर, संतोष ठाकुर, अनिल राम, रेखा कुमारी, रीता कुमारी सहित अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
संजय मिश्रा की यह यात्रा बताती है कि निरंतर मेहनत, ईमानदारी और संगठन के प्रति समर्पण के बल पर कोई भी कार्यकर्ता शीर्ष जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है। उनका मनोनयन न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है।
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