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Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए तैयार है। 6 जुलाई से 12 जुलाई तक सरला बिरला विश्वविद्यालय, महिलौंग परिसर में 39वीं राष्ट्रीय अंडर-9 ओपन एवं गर्ल्स शतरंज चैंपियनशिप-2026 का आयोजन होगा। सात दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में देशभर के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 438 प्रतिभाशाली बाल खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इन नन्हे खिलाड़ियों के बीच शतरंज की बिसात पर रणनीति, धैर्य और सूझबूझ की रोमांचक टक्कर देखने को मिलेगी।
आठ साल बाद फिर मिला रांची को मौका
रांची को करीब आठ साल बाद इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है। इससे पहले भी शहर कई बड़े खेल आयोजनों का सफल आयोजन कर चुका है। अब एक बार फिर देशभर के खिलाड़ी, कोच और खेल प्रेमियों की नजरें रांची पर टिकी रहेंगी। माना जा रहा है कि इस आयोजन से झारखंड को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 438 खिलाड़ी भाग लेंगे। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की मौजूदगी से पूरे सप्ताह सरला बिरला विश्वविद्यालय का परिसर शतरंज के माहौल में डूबा रहेगा। हर मुकाबले में खिलाड़ियों की एकाग्रता और बेहतरीन रणनीति देखने को मिलेगी।
पांच लाख रुपये की होगी पुरस्कार राशि
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन ऑल झारखंड चेस एसोसिएशन द्वारा रांची जिला चेस एसोसिएशन के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतियोगिता ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) के तत्वावधान में आयोजित होगी और इसे विश्व शतरंज महासंघ (FIDE) की भी मान्यता प्राप्त है। विजेताओं के लिए कुल पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि तय की गई है।आयोजन स्थल सरला बिरला विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और अभिभावकों के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। रहने की व्यवस्था, भोजन, प्रतियोगिता हॉल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि सभी प्रतिभागियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भविष्य के चैंपियन बन सकते हैं ये खिलाड़ी
आयोजकों का मानना है कि इस प्रतियोगिता में खेलने वाले कई बच्चे आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। ऐसे आयोजनों से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलता है। साथ ही झारखंड में शतरंज जैसे बौद्धिक खेलों के प्रति बच्चों और युवाओं की रुचि भी बढ़ेगी।
झारखंड की संस्कृति से भी होंगे रूबरू
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए देशभर से खिलाड़ी, कोच, अभिभावक और अधिकारी रांची पहुंचेंगे। इस दौरान उन्हें झारखंड की संस्कृति, प्राकृतिक खूबसूरती और यहां की मेहमाननवाजी को करीब से जानने का मौका मिलेगा। प्रतियोगिता के आयोजन में सीसीएल, एनटीपीसी और बीसीसीएल का भी सहयोग मिल रहा है।ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी नवजोत अलंग ने कहा कि रांची के लिए यह बेहद गर्व का मौका है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं और निष्पक्ष माहौल देना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्हें उम्मीद है कि यह राष्ट्रीय चैंपियनशिप झारखंड के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ेगी और यहां से कई नए शतरंज सितारे उभरकर सामने आएंगे।

