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Pakur (Jaydev Kumar) : सुबह-सुबह स्कूल परिसर बच्चों की खिलखिलाती मुस्कानों और रंग-बिरंगे परिधानों से जीवंत हो उठा। संत डॉन बॉस्को स्कूल में अंतरजिला प्रतियोगिता का आयोजन इस बार बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया। हर कोने में बच्चों की हंसी और उमंग का माहौल महसूस किया जा सकता था।
रचनात्मकता और आत्मविश्वास का मंच
स्कूल ने बच्चों के लिए ड्रॉइंग, डांस, स्पीच और फैंसी ड्रेस जैसी कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। मंच पर कदम रखते ही बच्चों की आंखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान देखी जा सकती थी। हर प्रस्तुति में उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कला की झलक साफ़ नजर आ रही थी। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने दर्शकों का मन मोह लिया और तालियों की गड़गड़ाहट ने पूरे कार्यक्रम को उत्साह से भर दिया।
प्रधानाचार्य का प्रेरक संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव शंकर दुबे ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा, “बच्चे समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं और हमारे देश का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।” उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

शिक्षक सहयोग और मंच संचालन
सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की मौजूदगी ने बच्चों की उत्सुकता और आत्मविश्वास को और बढ़ाया। कार्यक्रम का मंच संचालन रणबीर कुमार लाल और सुमित पंडित ने समयबद्ध और सहज ढंग से किया, जिससे हर कार्यक्रम को आनंदपूर्वक देखा जा सका।
विजेताओं की खुशी और समारोह का समापन
प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित होने पर विजेता बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उनके चेहरे पर गर्व और खुशी देखना किसी के लिए भी सुखद अनुभव था। अंत में पूरा स्कूल परिसर हर्ष और उमंग से गूंज उठा।
बाल दिवस से मिली सीख
इस आयोजन ने केवल बच्चों को मनोरंजन का अवसर नहीं दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास को भी प्रोत्साहित किया। यह दिन बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरक और यादगार साबित हुआ।
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