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Garhwa (Nityanand Dubey) : गढ़वा जिले में 26 वर्षीय गर्भवती महिला पुष्पा देवी की मौत ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को सदर एसडीएम संजय कुमार ने सदर अस्पताल और मिलाप क्लीनिक में औचक छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में अस्पतालों में अनियमितताओं और दस्तावेजों में हेराफेरी के प्रमाण मिले हैं।
दस्तावेजों में हेराफेरी और साक्ष्यों को मिटाने का आरोप
डीसी दिनेश कुमार के निर्देश पर की गई जांच के दौरान एसडीएम ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने टीम को गुमराह करने की कोशिश की। प्रारंभिक जांच से यह प्रतीत होता है कि मामले में लापरवाही और साक्ष्यों को छिपाने की गंभीर कोशिश की गई।
क्या है मामला
खरौंधी की रहने वाली पुष्पा देवी की इस सप्ताह मौत हो गई थी। इसके बाद दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि सदर अस्पताल और निजी अस्पतालों के बीच अनैतिक गठजोड़ है। आरोप है कि मरीजों को जानबूझकर निजी अस्पतालों, जैसे मिलाप क्लीनिक, में भेजा जाता है। इसी वजह से पुष्पा देवी को सही समय पर इलाज नहीं मिला।
जांच में शामिल लोग
जांच के दौरान सदर अस्पताल में प्रबंधक विकास केसरी, डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. नौशाद आलम और अन्य कर्मी मौजूद थे। मिलाप अस्पताल में संचालक यूसुफ अंसारी, डॉ. असजद अंसारी और लैब टेक्नीशियन मुनीफ अंसारी उपस्थित रहे।
एसडीएम की चेतावनी और आगे की कार्रवाई
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि सदर और निजी अस्पतालों के बीच मरीजों की खरीद-फरोख्त का यह खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब मेडिकल और तकनीकी विशेषज्ञों की विशेष टीम गठित की जा रही है। सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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