अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Palamu : पलामू के पांडू थाना क्षेत्र के भटवलिया गांव की रहने वाली सुनीता देवी के परिवार को जिस खबर का डर था, आखिर वही सच साबित हुआ। 15 दिनों से लापता सुनीता देवी का कंकाल जंगल से बरामद हुआ है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक, सुनीता देवी 29 मई को घर से लकड़ी चुनने के लिए निकली थी। वह अक्सर हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के लोहबंधा माहूर इलाके के जंगलों में लकड़ी चुनने जाया करती थी। उस दिन भी वह रोज की तरह घर से निकली, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। पहले परिवार को लगा कि शायद कहीं रिश्तेदारी या परिचितों के यहां चली गई होगी, लेकिन जब देर रात तक कोई खबर नहीं मिली तो चिंता बढ़ गई।
परिजनों ने हर जगह तलाशा, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग
सुनीता देवी के लापता होने के बाद परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू कर दी। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में पूछताछ की गई। जंगलों और संभावित जगहों पर भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। दिन बीतते गए और परिवार की चिंता बढ़ती गई। हर दिन किसी अच्छी खबर की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन सुनीता का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
मवेशी चराने गए लोगों को आई तेज दुर्गंध
शुक्रवार को अचानक इस मामले ने नया मोड़ ले लिया। पांडू और हुसैनाबाद थाना क्षेत्रों की सीमा से लगे जंगल में कुछ ग्रामीण मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान उन्हें जंगल के एक हिस्से से तेज दुर्गंध महसूस हुई। पहले लोगों ने इसे किसी जानवर का शव समझा, लेकिन जब वे दुर्गंध वाली जगह के करीब पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। जंगल में एक महिला का शव पड़ा था, जो काफी हद तक कंकाल में बदल चुका था।
कपड़ों से हुई पहचान, परिवार में मचा कोहराम
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पांडू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद परिजन भी वहां पहुंचे। शव की हालत ऐसी थी कि चेहरे से पहचान संभव नहीं थी। ऐसे में परिजनों ने कपड़ों को देखकर महिला की पहचान सुनीता देवी के रूप में की। पहचान होते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मौके पर मौजूद कई ग्रामीण भी भावुक हो उठे।
मौत कैसे हुई, यही सबसे बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुनीता देवी की मौत आखिर कैसे हुई। क्या वह जंगल में किसी हादसे का शिकार हुई या फिर इसके पीछे कोई और वजह है, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। बिश्रामपुर के एसडीपीओ चिरंजीवी कुमार ने बताया कि कपड़ों के आधार पर परिजनों ने महिला की पहचान की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
जांच में जुटी पुलिस, रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के आवेदन और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें : किताबों के बीच बच्चों को जिंदगी का पाठ पढ़ा गई रांची पुलिस

