Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Thursday, 7 May, 2026 • 05:00 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » महज तीन साल पहले निर्मित पुल यास तूफान के चलते ध्वस्त, मुख्यमंत्री ने दिया जांच काआदेश
झारखंड

महज तीन साल पहले निर्मित पुल यास तूफान के चलते ध्वस्त, मुख्यमंत्री ने दिया जांच काआदेश

May 28, 2021No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

रांची। रांची के बुंड़ू-तमाड़ में हाराडीह नदी पर महज तीन साल पहले निर्मित पुल यास तूफान के चलते 27 मई की दोपहर ध्वस्त हो गया है। जानकारी के मुताबिक इस पर आठ करोड़ की लागत आयी थी। पुल का उद्घाटन तक नहीं हुआ था।

अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर नाराजगी जतायी है। उन्होंने शुक्रवार को पुल टूटने के मामले की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया है। साथ ही इसे करप्शन और पैसों की लूट बताया है। उन्होंने कहा है कि उनके सेवाकाल में भ्रष्टाचार और जनता के पैसों की लूट किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। रांची के बुंड़ू-तमाड़ में हाराडीह नदी पर बना यह पुल बुंडू इलाके के प्रसिद्ध हाराडीह मंदिर के पास स्थित है।

पुल टूटने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा था कि इस पुल का कायदे से उद्घाटन भी नहीं हुआ था। अब इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। पुल ध्वस्त होने के पीछे एक वजह यह भी बतायी जा रही है कि नदी से रोजाना बालू का अवैध खनन हो रहा है। पुल के ठीक नीचे से लगातार बालू का खनन जारी है।

ग्रामीणों के कहने के बावजूद किसी ने बालू के अवैध उत्खनन रोकने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। पथ निर्माण विभाग अब इस पुल के टूटने की जांच में लग गया है। जांच के आदेश दे दिये गये हैं।

रांची का सबसे लंबा माने जाने वाला यह पुल सरायकेला खरसावां जिले को जोड़ते हुए पश्चिम बंगाल से लोगों को जोड़ता है। इस पुल के जरिये बुंडू, तमाड़, सोनाहातू व राहे ब्ल़ॉक से भी कनेक्टिविटी आसान थी। अब लोगों को नदी पार करने के लिए 10 किमी से भी अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleश्रमदान से बनाया पुलिया, आवागमन हुआ शुलभ
Next Article बंद पड़ा था अस्पताल, अंदर जाकर देखा तो भर्ती थे मरीज, जांच टीम हुई हैरान

Related Posts

Headlines

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के PA को भून डाला, कार घेरकर बरसाई गोलियां

May 7, 2026
Headlines

सम्राट कैबिनेट में 20 बड़े एजेंडों पर मुहर, सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नाम बदला

May 6, 2026
Headlines

पहले लव मैरिज, फिर बेवफाई और आखिर में कत्ल… चंदन ह’त्याकांड की पूरी कहानी

May 6, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के PA को भून डाला, कार घेरकर बरसाई गोलियां

May 7, 2026

राशिफल @ 07 मई 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

May 7, 2026

सम्राट कैबिनेट में 20 बड़े एजेंडों पर मुहर, सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नाम बदला

May 6, 2026

पहले लव मैरिज, फिर बेवफाई और आखिर में कत्ल… चंदन ह’त्याकांड की पूरी कहानी

May 6, 2026

भुरकुंडा में अवैध बालू का खेल बेनकाब

May 6, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.