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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सेजा के पास राजीपुर में बने नवनिर्मित “एक्वा फन पार्क” पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बिना जरूरी अनुमति और एनओसी के पार्क को चालू करने पर प्रशासन ने इसे तत्काल बंद करा दिया है। फिलहाल पार्क के गेट पर ताला लगा दिया गया है और संचालक को सभी जरूरी कागजात जमा करने का निर्देश दिया गया है।
18 मार्च को शुरू, प्रशासन को नहीं थी जानकारी
बताया जा रहा है कि इस वाटर पार्क को 18 मार्च को ही शुरू कर दिया गया था। उद्घाटन भी आनन-फानन में कर दिया गया, लेकिन इसकी जानकारी जिला प्रशासन या संबंधित विभागों को नहीं दी गई। स्थानीय स्तर पर जब यह बात फैली कि बिना अनुमति पार्क चल रहा है, तो मामला प्रशासन तक पहुंचा और तुरंत जांच के आदेश दिए गए।
अंचलाधिकारी पहुंचे मौके पर, हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया खुद मौके पर पहुंचे और पूरे पार्क का निरीक्षण किया। जांच के दौरान साफ हो गया कि पार्क संचालक ने किसी भी संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया है। यानी सुरक्षा, पानी, स्वास्थ्य और अग्निशमन जैसी जरूरी व्यवस्थाओं को नजरअंदाज कर दिया गया था।
कई विभागों से नहीं लिया गया एनओसी
सूत्रों के मुताबिक, पार्क के लिए दमकल विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और स्वास्थ्य विभाग से भी कोई एनओसी नहीं लिया गया था। ऐसे में बिना सुरक्षा मानकों के लोगों के लिए वाटर पार्क खोलना खतरे से खाली नहीं माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव के लिए ये सभी अनुमति जरूरी होती है।
पर्यटन विभाग का सख्त रुख
जिला खेलकूद और पर्यटन विभाग के पदाधिकारी राहुल कुमार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक संचालक सभी जरूरी कागजात और एनओसी जमा नहीं करते, तब तक पार्क पूरी तरह बंद रहेगा। साथ ही झारखंड टूरिस्ट ट्रेड रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत संचालक को नोटिस भी जारी किया गया है।
गेट पर ताला, कागजी कार्रवाई का निर्देश
प्रशासन की कार्रवाई के बाद फिलहाल पार्क के मुख्य गेट पर ताला लटका दिया गया है। संचालक को कहा गया है कि वे जल्द से जल्द सभी विभागों से अनुमति लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी करें। अंचलाधिकारी ने साफ कहा कि नियमों का पालन किए बिना किसी भी हाल में पार्क को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे पार्कों में बड़ी संख्या में लोग आते हैं, खासकर बच्चे और परिवार। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। बिना जांच और अनुमति के संचालन से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, इसलिए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
संचालक ने दी सफाई
वहीं पार्क के संचालक संजय कुमार ने अपनी सफाई में कहा कि अभी पार्क में काम चल रहा है और इसे पूरी तरह से चालू नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही काम पूरा होगा, वे सभी जरूरी एनओसी लेकर ही पार्क को शुरू करेंगे।
स्थानीय लोगों में चर्चा
इस कार्रवाई के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चा है। कुछ लोग प्रशासन की सख्ती को सही बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि अगर पहले से नियमों का पालन किया जाता तो यह स्थिति नहीं आती।
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