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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : भुरकुंडा में झा मेडिकल चौक पर शुक्रवार की दोपहर कुछ अलग थी। आम दिनों की तरह लोग आ-जा रहे थे, बाइकें फर्राटा भर रही थीं, लेकिन इस बार ट्रैफिक की आवाज के बीच एक मानवीय संदेश भी गूंज रहा था… “हेलमेट पहनिए, अपने घर सुरक्षित लौटिए।”
यह संदेश था सद्भावना मंच रीवर साइड भुरकुंडा का, जिसने हेलमेट के महत्व और प्रदूषण से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। मंच के सदस्य न कोई सख्त कानून दिखा रहे थे, न चालान की धमकी। वे सीधे दिल से बात कर रहे थे, जीवन की कीमत समझा रहे थे।
जब जुर्माने से बड़ी होती है जिम्मेदारी
अभियान के दौरान मंच के सदस्यों ने बाइक चालकों को बताया कि बिना हेलमेट चलाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लग सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जुर्माने से ज्यादा कीमती आपकी जान है। एक सदस्य ने कहा, “अगर हादसा हो गया तो जुर्माना नहीं, परिवार की खुशियां छिन जाती हैं।”
यह बात सुनकर कई लोग रुके, हेलमेट हाथ में लिया और पहनकर आगे बढ़े। कुछ युवाओं ने मौके पर ही हेलमेट पहनने का वादा किया।
मास्क पहनाकर दिया स्वच्छ हवा का संदेश
अभियान केवल सड़क सुरक्षा तक सीमित नहीं था। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मंच के सदस्यों ने लोगों को मास्क पहनाए और बताया कि साफ हवा भी स्वस्थ जीवन की बुनियाद है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सदस्यों ने चिंता जताई।
स्थानीय लोग क्या बोल गए…
एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “आजकल लोग जल्दी में हेलमेट भूल जाते हैं। ऐसे अभियान याद दिलाते हैं कि जिंदगी किसी भी काम से ज्यादा जरूरी है।” वहीं एक बाइक सवार ने माना कि वह अक्सर बिना हेलमेट निकल जाता था, लेकिन आज समझ आया कि एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी परेशानी बन सकती है।
समाज के लिए छोटा प्रयास, बड़ा संदेश
सद्भावना मंच का यह अभियान यह दिखाता है कि बदलाव केवल कानून से नहीं, संवाद और संवेदना से भी आता है। मंच के सदस्य नसीम अख्तर, सरफराज खान, रुस्तम अली, सिफ्ते हसन, सुल्तान अहमद, उबैद उल्लाह, एजाज अहमद, एहसान खान, अनवर आलम, नौशाद, शमीम, रफीक सहित अन्य लोग पूरे मन से लोगों को समझाते नजर आए।
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