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Ramgarh (Dharmendra Pradhan, Bhurkunda) : साप्ताहिक बाजार का दिन था। सुबह से ही गांव देहात की पगडंडियों से होते हुए लोग भुरकुंडा बाजार पहुंचे थे। किसी के सिर पर दातुन पत्ता का गट्ठर था, तो कोई छोटी सी टोकरी में जंगल से तोड़ी पत्तियां लेकर आया था। इन लोगों की जिंदगी रोज कमाने और रोज खाने पर टिकी है। त्योहार उनके लिए अक्सर बस एक तारीख बनकर रह जाता है। लेकिन इस बार नजारा थोड़ा अलग था।
जब उम्मीद नहीं थी, तभी मिला सहारा
रविवार को बाजार के बीचों बीच प्रेस क्लब ऑफ कोयलांचल के सदस्य पहुंचे। उन्होंने दूर दराज के ग्रामीण इलाकों से दातुन पत्ता बेचने आए बेहद जरूरतमंद लोगों को बुलाया और उन्हें होली के लिए खाद्य सामग्री और जरूरी सामान देने लगे। एक बुजुर्ग महिला, जो हर हफ्ते यहां दातुन बेचने आती हैं, सामान लेते समय बोलीं कि बेटा, इस बार बच्चों को रंग जरूर दिला पाऊंगी। उनकी आंखों में नमी थी, लेकिन चेहरे पर सुकून साफ झलक रहा था। कई ऐसे परिवार भी थे जिनके लिए आटा, चीनी और तेल जैसी चीजें खरीदना भी सोच समझकर करना पड़ता है। ऐसे में त्योहार पर थोड़ा अतिरिक्त खर्च उनके लिए बोझ बन जाता है।

सिर्फ राशन नहीं, सम्मान भी
क्लब की ओर से आटा, मैदा, चीनी, रिफाइन तेल, सरसों तेल के साथ रंग और अबीर भी बांटा गया। सामान देते वक्त किसी तरह की औपचारिकता नहीं थी। बातचीत में अपनापन था। यही अपनापन इस पहल को खास बना रहा था। एक युवक ने कहा कि हम तो बस दातुन बेचने आए थे, सोचा नहीं था कि आज होली का सामान लेकर घर लौटेंगे। अब बच्चे भी खुश होंगे।
हर त्योहार पर रहती है याद
क्लब के सदस्यों ने बताया कि यह कोई पहली पहल नहीं है। हर बड़े पर्व त्योहार पर वे कोशिश करते हैं कि समाज के उन लोगों तक मदद पहुंचे, जो अक्सर नजर से ओझल रह जाते हैं। उनका मानना है कि त्योहार तभी पूरा होता है, जब हर घर में चूल्हा जले और हर चेहरे पर मुस्कान हो।
बाजार में बंटी खुशियां
कार्यक्रम के दौरान राकेश पांडेय, राजकुमार सिंह, उत्तम सिन्हा, अवधेश शर्मा, दुर्गेश तिवारी, आलोक कुमार, दीपक कुमार, मनोज सिंह, संजय पासवान, कमलेश मेहता, विजेंद्र पासवान, पवन सोनी और धर्मेन्द्र प्रधान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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