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Patna : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर के विद्यार्थियों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की है। वर्ष 2026 में 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज अब डिजिलॉकर पर उपलब्ध हैं। विद्यार्थी अपने अंकपत्र और प्रमाणपत्र को मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए कभी भी और कहीं से भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन्हें कागज के मूल दस्तावेज हर जगह साथ लेकर चलने की जरूरत कम होगी। दाखिले, छात्रवृत्ति, नौकरी या किसी दूसरी सरकारी प्रक्रिया में दस्तावेज की जरूरत पड़ने पर डिजिलॉकर से इन्हें आसानी से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
2026 की परीक्षा के दस्तावेज हुए उपलब्ध
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि वर्ष 2026 में आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के शैक्षणिक दस्तावेज डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इनमें विद्यार्थियों के अंकपत्र और प्रमाणपत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस सुविधा को शुरू करने में अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और लोक भवन, पटना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के साथ समन्वय के बाद विद्यार्थियों को यह सुविधा मिल पाई है।
बोर्ड के अनुसार आने वाले समय में वर्ष 2026 से पहले आयोजित परीक्षाओं के शैक्षणिक दस्तावेज भी डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें पुराने विद्यार्थियों के अंकपत्र और प्रमाणपत्र शामिल होंगे। इन दस्तावेजों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने को लेकर विद्यार्थियों को समय-समय पर जानकारी दी जाएगी।
आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से करना होगा लॉगिन
डिजिलॉकर से बिहार बोर्ड का दस्तावेज लेने के लिए विद्यार्थियों को सबसे पहले डिजिलॉकर की वेबसाइट पर जाना होगा या मोबाइल में इसका ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की मदद से साइन अप या लॉगिन करना होगा। लॉगिन होने के बाद जारी दस्तावेज या दस्तावेज खोजें वाले विकल्प पर जाना होगा। यहां बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का चयन करना होगा।
इसके बाद विद्यार्थी को अपनी कक्षा के अनुसार 10वीं या 12वीं का संबंधित दस्तावेज चुनना होगा। दस्तावेज निकालने के लिए रोल कोड, रोल नंबर और परीक्षा वर्ष 2026 जैसी जानकारी मांगी जाएगी। जानकारी सही तरीके से दर्ज करने के बाद संबंधित अंकपत्र या प्रमाणपत्र डिजिलॉकर में दिखाई देगा और उसे डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा।
दाखिले और नौकरी में भी काम आएगा दस्तावेज
डिजिलॉकर में बिहार बोर्ड की ओर से जारी किए गए शैक्षणिक दस्तावेज सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मूल दस्तावेजों के समकक्ष मान्य हैं। इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी इन डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल आधिकारिक कामों में कर सकेंगे। कॉलेज या किसी अन्य शिक्षण संस्थान में दाखिले, छात्रवृत्ति के आवेदन, नौकरी के लिए दस्तावेज सत्यापन और दूसरी सरकारी प्रक्रियाओं में इससे विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी।
इस सुविधा से खासकर उन विद्यार्थियों को फायदा होगा, जिन्हें पढ़ाई या नौकरी के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। दस्तावेज खोने या खराब होने की स्थिति में भी डिजिलॉकर में सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। बिहार बोर्ड की ओर से आगे पुराने वर्षों के दस्तावेज भी डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने की तैयारी है।
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