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New Delhi : दिल्ली में रहने वाले कारीगरों और युवाओं के लिए रोजगार और कमाई का नया रास्ता खुलने जा रहा है। दिल्ली सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने दिल्ली खादी कौशल विकास योजना शुरू की है। इसके तहत राजधानी के 1,790 कारीगरों और युवाओं को बेकरी, हेयर स्टाइलिंग और मेकअप आर्टिस्ट्री का प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि ट्रेनिंग के दौरान हर प्रतिभागी को प्रतिदिन 400 रुपये का वजीफा भी मिलेगा। इसके अलावा दोपहर का भोजन मुफ्त दिया जाएगा। सरकार का मकसद है कि युवाओं को हुनर सिखाकर उन्हें रोजगार से जोड़ने के साथ अपना काम शुरू करने के लिए भी तैयार किया जाए।
योजना के तहत सात दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें केवल किताबी जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि प्रतिभागियों को काम करके सीखने का मौका भी मिलेगा। कोर्स पूरा करने वाले प्रतिभागियों को सीएम सर्टिफिकेट और आधिकारिक पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इससे उन्हें अपने हुनर को साबित करने और रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।
बेकरी से लेकर मेकअप तक की मिलेगी ट्रेनिंग
दिल्ली खादी कौशल विकास योजना के तहत तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें बेकरी, हेयर स्टाइलिंग और मेकअप आर्टिस्ट्री शामिल हैं। इन कामों में रुचि रखने वाले युवा प्रशिक्षण लेकर नौकरी की तैयारी कर सकते हैं या अपनी छोटी दुकान और कारोबार शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कारीगरों के लिए भी यह योजना अपने काम को बेहतर बनाने का अवसर देगी। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का कम से कम पांच वर्षों से दिल्ली में रहना जरूरी है। सामान्य वर्ग के साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, महिलाओं, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी इसमें अवसर दिया जाएगा।
इच्छुक उम्मीदवार ई-श्रम पोर्टल, कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी या दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया से जुड़ी शर्तों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
ट्रेनिंग के साथ कारोबार शुरू करने की भी मिलेगी जानकारी
योजना में युवाओं को केवल हुनर सिखाने तक सीमित नहीं रखा गया है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह भी बताया जाएगा कि अपने काम को कारोबार में कैसे बदला जा सकता है। कार्यक्रम के चौथे दिन बैंक अधिकारियों का विशेष सत्र आयोजित करने की योजना है। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और एमएसएमई से जुड़ी योजनाओं के तहत ऋण लेने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इससे अपना काम शुरू करने के इच्छुक प्रतिभागियों को वित्तीय सहायता के विकल्पों की जानकारी मिल सकेगी।
इसके अलावा प्रतिभागियों को डिजिटल साक्षरता, उत्पादों की अच्छी तस्वीरें लेने और ई-विपणन के बारे में भी सिखाया जाएगा। उन्हें अपने उत्पाद या सेवाओं की कीमत तय करने और ग्राहकों तक अपने काम की जानकारी पहुंचाने के तरीके बताए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि प्रशिक्षण लेने वाले लोग अपने हुनर का इस्तेमाल रोजगार पाने के साथ-साथ खुद का काम खड़ा करने में भी कर सकें।दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद इस योजना के लिए करीब 1.15 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार इस राशि के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम को संचालित करने की तैयारी कर रही है।
एजेंसियों के चयन के लिए निविदा, 10 नवंबर तक आवेदन
प्रशिक्षण कार्यक्रम को चलाने के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) से संबद्ध योग्य एजेंसियों का चयन किया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एजेंसियों के आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 10 नवंबर है। एजेंसियों का चयन पूरा होने के बाद दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। प्रशिक्षण की कुल अवधि 56 घंटे होगी। इच्छुक युवाओं को ध्यान देना चाहिए कि एजेंसियों के चयन के लिए जारी निविदा और योजना के तहत लाभार्थियों के आवेदन की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। इसलिए 10 नवंबर की तारीख को युवाओं के आवेदन की अंतिम तारीख न मानें, बल्कि अपने आवेदन से संबंधित तारीख और शर्तों की पुष्टि आधिकारिक सूचना से करें।
प्रशिक्षण केंद्रों, आवेदन की शर्तों और कार्यक्रम की तारीखों के बारे में जानकारी के लिए दिल्ली खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी ताजा सूचना देखना जरूरी है। योजना के शुरू होने से राजधानी के उन युवाओं और कारीगरों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो कम खर्च में कोई नया हुनर सीखकर रोजगार पाना या अपना छोटा कारोबार शुरू करना चाहते हैं।
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