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News Samvad : दिवाली 20 अक्तूबर 2025 को कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाई जाएगी। मान्यता है कि भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास से लौटकर अयोध्या आए थे और अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। तभी से यह पर्व दीपों के उत्सव यानी दिवाली के रूप में मनाया जाता है। दिवाली प्रेम, आनंद और नई शुरुआत का प्रतीक भी है।
दिवाली का शुभ मुहूर्त और तिथि
20 अक्तूबर को दोपहर 3:44 बजे से कार्तिक अमावस्या शुरू होगी और 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे समाप्त होगी। इस बार दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक रहेगा। निशिता काल 11:41 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 5:36 बजे से रात 8:07 बजे तक रहेगा, जिसमें स्थिर लग्न वृष का समावेश शाम 6:59 बजे से रात 8:56 बजे तक होगा।
लक्ष्मी गणेश पूजन की सामग्री
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री में मां लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा, कलावा, वस्त्र, शहद, गंगाजल, फूल, सिंदूर, पंचामृत, बताशे, इत्र, चौकी, लाल वस्त्र, कलश, शंख, आसन, थाली, चांदी का सिक्का, कमल का फूल, हवन कुंड, हवन सामग्री, आम के पत्ते, प्रसाद, रोली, कुमकुम, अक्षत, पान, सुपारी, नारियल और मिट्टी के दीए संग रुई शामिल हैं।
दिवाली का महत्व
लक्ष्मी और गणेश पूजा घर में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और यश-वैभव बनाए रखने के लिए की जाती है। पूर्ण विधि से पूजन करने से पूजा का फल अधिक प्राप्त होता है। दिवाली नए अवसरों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी है।
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