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News Samvad: अगर आपका पीएफ खाता है, तो यह खबर आपके लिए काम की है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने नए सिस्टम EPFO 3.0 के जरिए पीएफ निकालने की प्रक्रिया को पहले से काफी आसान बना रहा है। अब कई मामलों में खाताधारकों को पैसा निकालने के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।हाल ही में EPFO ने ऐसा नियम लागू किया है, जिसके तहत खाताधारक बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के अपने पीएफ खाते से 75 प्रतिशत तक राशि तुरंत निकाल सकते हैं। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या अब पूरा PF नहीं निकाल पाएंगे?
नए नियम सामने आने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठा कि जब 75 प्रतिशत तक तत्काल निकासी की सुविधा मिल रही है, तो क्या अब पूरा पैसा निकालने की अनुमति नहीं होगी? इसका जवाब है कि खाताधारक आज भी अपने पीएफ खाते की 100 प्रतिशत राशि निकाल सकते हैं। EPFO ने साफ किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में पूरी रकम निकालने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
पहले क्यों अटक जाते थे क्लेम?
अब तक किसी कर्मचारी को पूरा पीएफ निकालने के लिए एक ठोस वजह बतानी पड़ती थी। जैसे नौकरी छूट जाना, कंपनी बंद हो जाना, प्राकृतिक आपदा या कोई गंभीर स्थिति। सिर्फ वजह बताना ही काफी नहीं था। इसके लिए दस्तावेज भी जमा करने पड़ते थे। कई बार कर्मचारियों की ओर से बताई गई वजह EPFO की निर्धारित सूची से मेल नहीं खाती थी या दस्तावेज पूरे नहीं होते थे। ऐसे में क्लेम रिजेक्ट हो जाता था और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।
किन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं पूरा पैसा?
EPFO के नियमों के अनुसार कुछ खास हालात में कर्मचारी अपने खाते की पूरी राशि निकाल सकते हैं।
कंपनी बंद हो जाए तो
अगर आपकी कंपनी 15 दिनों से अधिक समय से बंद है और इस दौरान आपको वेतन या किसी तरह का मुआवजा नहीं मिला है, तो आप पूरा पीएफ निकाल सकते हैं।
दो महीने से वेतन नहीं मिला हो
अगर कंपनी में हड़ताल जैसी स्थिति नहीं है और लगातार दो महीने से वेतन नहीं मिला है, तब भी कर्मचारी को पूरी राशि निकालने का अधिकार है।
कंपनी लंबे समय से बंद हो
यदि कोई कंपनी छह महीने से अधिक समय से बंद है और कर्मचारी बेरोजगार हो चुके हैं, तो वे अपने पीएफ खाते का पूरा पैसा निकाल सकते हैं।
कोर्ट में मामला लंबित हो
कई बार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है और मामला अदालत तक पहुंच जाता है। ऐसे मामलों में भी कर्मचारी पूरी पीएफ राशि निकालने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
गंभीर बीमारी का इलाज
यदि कर्मचारी खुद किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है या उसके परिवार के किसी सदस्य को इलाज की जरूरत है, तो इलाज के खर्च के लिए पूरा पीएफ निकाला जा सकता है।
अब नहीं देना होगा वजह और सबूत
EPFO 3.0 के तहत सबसे बड़ा बदलाव यही माना जा रहा है। पहले लोगों को अपनी स्थिति साबित करने के लिए कई तरह के दस्तावेज जमा करने पड़ते थे। इसी वजह से कई क्लेम फंस जाते थे।अब विशेष परिस्थितियों में आवेदन करते समय खाताधारकों को अलग से वजह बताने या सबूत देने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे “स्पेशल सिचुएशन” श्रेणी चुनकर आवेदन कर सकेंगे।
कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा
नए नियमों से उन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जिन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है। पहले दस्तावेज जुटाने और क्लेम मंजूर होने में काफी समय लग जाता था। अब प्रक्रिया आसान होने से पैसा जल्दी मिलने की संभावना बढ़ेगी।EPFO का मानना है कि इससे क्लेम रिजेक्ट होने के मामलों में भी कमी आएगी और कर्मचारियों को जरूरत के समय अपने ही जमा किए गए पैसे तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

