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News Samvad : आजकल कई लोग अपनी वास्तविक उम्र से काफी पहले ही चेहरे पर झुर्रियां, त्वचा का ढीलापन और रूखापन जैसी समस्याओं से परेशान हैं। पहले जहां उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में ऐसे बदलाव सामान्य माने जाते थे, वहीं अब कम उम्र के लोगों में भी ये समस्याएं तेजी से देखने को मिल रही हैं। इसका कारण केवल बढ़ती उम्र नहीं है। धूम्रपान, नींद पूरी न होना, तनाव, असंतुलित खानपान, कम पानी पीना और बढ़ता प्रदूषण भी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा दिखाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन और इलास्टिन जैसे प्रोटीन का निर्माण धीरे-धीरे कम होने लगता है। ये दोनों प्रोटीन त्वचा को मजबूती, लचीलापन और कसाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब इनका निर्माण कम होता है तो त्वचा पर झुर्रियां और ढीलापन नजर आने लगता है। लेकिन गलत जीवनशैली इस प्राकृतिक प्रक्रिया को और तेज कर सकती है।
धूम्रपान त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को करता है तेज
धूम्रपान का असर केवल फेफड़ों और हृदय पर ही नहीं पड़ता, बल्कि त्वचा भी इससे बुरी तरह प्रभावित होती है। सिगरेट के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन शरीर की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देते हैं। इससे त्वचा तक ऑक्सीजन और जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाते। इसका सीधा असर त्वचा की मरम्मत की क्षमता पर पड़ता है। त्वचा में नई कोशिकाओं का निर्माण और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत प्रभावित होने लगती है। लंबे समय तक धूम्रपान करने वालों में झुर्रियां जल्दी दिखाई दे सकती हैं और त्वचा का प्राकृतिक रंग भी फीका पड़ने लगता है।
नींद पूरी नहीं होगी तो चेहरा भी थका दिखेगा
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग देर रात तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठ जाते हैं। इसका असर धीरे-धीरे चेहरे पर नजर आने लगता है। सोते समय शरीर नई कोशिकाओं के निर्माण और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत का काम करता है। यदि लगातार पर्याप्त नींद नहीं ली जाए तो शरीर पर तनाव बढ़ने लगता है। विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर वयस्कों को हर दिन करीब सात से नौ घंटे की नींद की जरूरत होती है। नींद पूरी न होने पर त्वचा की चमक कम हो सकती है, आंखों के नीचे काले घेरे दिखाई दे सकते हैं और चेहरा थका हुआ नजर आ सकता है।
कम पानी पीने से त्वचा खो देती है अपनी नमी
शरीर में पानी की कमी का असर भी त्वचा पर साफ दिखाई देता है। जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता तो त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी खोने लगती है। इसके कारण त्वचा रूखी, खिंची हुई और बेजान नजर आ सकती है। कम पानी पीने की आदत लंबे समय तक बनी रहे तो त्वचा पर महीन रेखाएं भी अधिक स्पष्ट दिखाई देने लगती हैं। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। हालांकि पानी की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, गतिविधि और मौसम के हिसाब से अलग हो सकती है।
तला-भुना और ज्यादा मीठा खाना भी नुकसानदायक
खानपान का सीधा असर शरीर और त्वचा दोनों पर पड़ता है। बहुत अधिक तला-भुना भोजन, अत्यधिक चीनी और जंक फूड का लगातार सेवन शरीर में सूजन बढ़ा सकता है। इसका असर त्वचा की कोशिकाओं पर भी पड़ता है। इसके विपरीत फल, हरी सब्जियां, दालें, मेवे और स्वस्थ वसा से भरपूर भोजन त्वचा को जरूरी पोषक तत्व देता है। संतुलित आहार त्वचा को अंदर से स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसलिए केवल बाहरी क्रीम या उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है।
तनाव का असर चेहरे पर भी दिखाई देता है
लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। लगातार तनाव रहने पर त्वचा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कई लोगों में तनाव के दौरान त्वचा अधिक रूखी या संवेदनशील हो जाती है। कुछ लोगों को मुंहासे और अन्य त्वचा संबंधी परेशानियां भी होने लगती हैं। तनाव को कम करने के लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, आराम और अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय निकालना मददगार हो सकता है।
प्रदूषण भी छीन रहा त्वचा की प्राकृतिक चमक
धूल, धुआं और वायु प्रदूषण त्वचा पर लगातार असर डालते हैं। प्रदूषण के कण त्वचा की सतह पर जमा होकर उसकी प्राकृतिक चमक को कम कर सकते हैं। लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर से लौटने के बाद चेहरे और त्वचा की उचित सफाई करना जरूरी है। साथ ही धूप और प्रदूषण से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से बड़ा फायदा
विशेषज्ञों के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ शरीर और त्वचा में बदलाव आना स्वाभाविक है। इसे पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। लेकिन गलत आदतों को नियंत्रित कर समय से पहले होने वाली एजिंग की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धूम्रपान से दूरी, सात से नौ घंटे की पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव पर नियंत्रण त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। यानी चेहरे पर उम्र का असर आना सामान्य है, लेकिन खराब जीवनशैली के कारण उम्र से पहले बूढ़ा दिखना जरूरी नहीं है।
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