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Patna : गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से जुड़े लंबित मामलों को लेकर शनिवार को सरकार ने सख्त रुख अपनाया। गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर एक-एक कर लंबित मामलों की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जिन मामलों का निपटारा जल्द हो सकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत पूरा किया जाए।
18 जुलाई को हुई इस बैठक में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रभागों के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से गृह सचिव को बताया कि उनके विभाग में कौन-कौन से मामले लंबित हैं और उन पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
हर स्तर पर बेहतर तालमेल बनाने का निर्देश
समीक्षा के दौरान गृह सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि गृह विभाग और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। दोनों विभागों के बीच तालमेल रहेगा तो लंबित मामलों को समय पर निपटाने में परेशानी नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। मामलों को एक-दूसरे विभाग या शाखा के बीच भेजकर लंबे समय तक लंबित रखने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाने की जरूरत है।
गृह सचिव ने कहा कि लंबित मामलों का समय पर निपटारा होने से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी। इससे पुलिस व्यवस्था और मजबूत होगी और राज्य की कानून व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालने में भी मदद मिलेगी।
साइबर से लेकर रेल पुलिस तक, कई शाखाओं की समीक्षा
बैठक में पुलिस मुख्यालय के अलावा कई महत्वपूर्ण प्रभागों के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। इसमें पुलिस आधुनिकीकरण, प्रोविजनिंग, साइबर प्रभाग, मद्य निषेध एवं स्वापक ब्यूरो और प्रशिक्षण प्रभाग शामिल रहे। इसके अलावा ईआरएसएस परियोजना, सुरक्षा प्रभाग, विशेष शाखा, सीआईडी, कमजोर वर्ग प्रभाग, रेल पुलिस और यातायात प्रभाग से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति भी गृह सचिव के सामने रखी गई।
अधिकारियों ने अपने-अपने प्रभाग की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए लंबित मामलों की संख्या, अब तक हुई कार्रवाई और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी।
कानून व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर
बैठक में गृह सचिव ने कहा कि विभागीय मामलों का समय पर निपटारा सीधे तौर पर प्रशासन और पुलिस व्यवस्था की कार्यक्षमता से जुड़ा है। जब फाइलें और जरूरी मामले समय पर निपटेंगे, तो पुलिस और प्रशासन से जुड़े कई काम तेजी से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए और जिन मामलों में किसी स्तर पर अड़चन है, उसे जल्द दूर किया जाए। प्राथमिकता वाले मामलों में देरी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस महानिदेशक अभियान कुंदन कृष्णन, अपर पुलिस महानिदेशक सह अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम पंकज कुमार दाराद, अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय सुनील कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक आधुनिकीकरण एवं एससीआरबी अजिताभ कुमार मौजूद रहे।
इसके अलावा ADG ट्रैफिक एवं विशेष निगरानी इकाई के अतिरिक्त प्रभार सुधांशु कुमार, एडीजी आर्थिक अपराध इकाई अमित कुमार जैन, अपर पुलिस महानिदेशक सीआईडी पारस नाथ और अपर पुलिस महानिदेशक बीएसएपी नैयर हसनैन खान भी बैठक में शामिल हुए।
आईजी मुख्यालय मनोज कुमार, गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह और अनिल कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव कमल नयन समेत गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय और संबंधित प्रभागों के अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
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