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News Samvad : नौकरी के दौरान कभी-कभी ऐसे लक्ष्य निर्धारित कर दिए जाते हैं जिन्हें पूरा करना आमतौर पर संभव नहीं होता, लेकिन कर्मचारी डरे हुए होते हैं और बिना सोचे समझे उन्हें मंजूर कर लेते हैं। हालांकि, कार्यस्थल पर दबाव के बावजूद, रणनीतिक तरीके से इन्कार करना एक कला है जो आपको काम के बोझ को संतुलित करने में मदद कर सकती है।
ना कहने का सही तरीका अपनाएं
एक काम को मना करना आसान नहीं होता, लेकिन यह जरूरी है कि आप इसे सही तरीके से करें। अपने प्रबंधक को बताएं कि किस बात के कारण आप उस काम को पूरा नहीं कर पाएंगे और उसे कंपनी के नजरिए से समझाएं कि वह कार्य क्यों लाभकारी नहीं होगा। ऐसा करने से आपकी बात सकारात्मक तरीके से पहुंचती है।
परिणामों को समझाएं और बेहतर विकल्प दें
प्रबंधक कभी-कभी चुनौतियों को पूरी तरह समझ नहीं पाते। इसलिए आपको उन्हें काम की बाधाओं, उपलब्ध संसाधनों और चुनौतियों से अवगत कराना चाहिए। साथ ही, उनके सामने ऐसे विकल्प रखें जिन्हें आप पूरे कर सकें। इससे आपकी मनाही एक जिम्मेदार नेतृत्व के रूप में देखी जाती है।
चर्चा से समाधान खोजें
कई कंपनियां ‘रेड टीम’ जैसी समीक्षा प्रक्रियाएं अपनाती हैं, जहां संभावित जोखिमों और विफलताओं पर खुलकर चर्चा होती है। इस तरह की चर्चाएं कर्मचारियों को अपनी चुनौतियां बताने और बेहतर योजना बनाने का अवसर देती हैं, जिससे प्रोजेक्ट की सफलता में मदद मिलती है।
इन्कार के प्रभाव और जोखिम बताएं
जब आप किसी काम से इन्कार करें, तो उसे व्यक्तिगत ना लेकर व्यावसायिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करें। प्रबंधक को समझाएं कि यदि आप सभी कार्यों पर ध्यान देंगे तो आपकी दक्षता बाधित हो सकती है, और इस निर्णय का बिजनेस पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
ऐसे रणनीतिक उपाय अपनाकर आप न केवल कार्यभार संतुलित कर पाएंगे, बल्कि कार्यस्थल पर अपनी विश्वसनीयता भी बढ़ाएंगे।
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