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News Samvad : नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। भक्त व्रत रखते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि व्रत सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं बल्कि सेहत सुधारने का भी मौका है?
क्यों जरूरी है लो कैलोरी व्रत
न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अनु अग्रवाल कहती हैं कि नवरात्रि का व्रत शरीर के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग जैसा है। सही खानपान अपनाने से इंसुलिन लेवल कंट्रोल होता है, पाचन तंत्र को आराम मिलता है और वजन घटाने में मदद मिलती है। लेकिन तली-भुनी या मीठी चीजें खाने से फायदे उलटे हो जाते हैं और वजन बढ़ सकता है।
सात्विक भोजन के फायदे
व्रत में प्याज, लहसुन और प्रोसेस्ड फूड से परहेज किया जाता है। इसके बजाय फल, नट्स और अनाज जैसे कुट्टू, राजगिरा और समा के चावल खाए जाते हैं। ये ग्लूटेन-फ्री होते हैं और प्रोटीन, मिनरल्स व फाइबर से भरपूर होते हैं। सात्विक भोजन शरीर को हल्का रखता है और मानसिक शांति देता है।
व्रत की आदर्श थाली
लो कैलोरी थाली में कुट्टू की रोटी, लौकी या कद्दू की सब्जी, खीरा-टमाटर सलाद, लो-फैट दही मूंगफली के साथ और मौसमी फल शामिल करें। इस तरह की थाली लगभग 450-500 कैलोरी की होती है और वजन कंट्रोल रखने में मदद करती है।
किन गलतियों से बचें
व्रत में तली हुई चीजें, ज्यादा आलू, मीठी मिठाइयाँ और पैकेज्ड फूड से दूरी रखें। ज्यादा सेंधा नमक भी पानी रिटेंशन बढ़ा सकता है। चाय-कॉफी की जगह हर्बल टी लें।
हेल्दी कुकिंग स्टाइल
डीप फ्राई की बजाय रोस्टिंग, बेकिंग और स्टीमिंग अपनाएं। सब्जियों को हल्के मसालों में पकाएं और क्रीम की जगह छाछ का इस्तेमाल करें।
हाइड्रेशन और लॉन्ग टर्म फायदे
व्रत में पर्याप्त पानी, नारियल पानी और छाछ पिएं। इससे डिहाइड्रेशन और थकान नहीं होगी। लंबे समय तक ऐसे व्रत से वजन नियंत्रण, पाचन सुधार और इम्युनिटी मजबूत होती है।
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