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News Samvad : देशभर में ठंड बढ़ने के साथ खांसी-जुकाम, बुखार और नाक बहने की शिकायतें तेजी से सामने आ रही हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मौसम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता की परीक्षा लेता है, इसलिए जरा सी लापरवाही परेशानी बढ़ा सकती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर जुकाम के दौरान नाक क्यों बहने लगती है? और कब यह सामान्य नहीं बल्कि गंभीर समस्या का संकेत बन जाता है?
नाक क्यों बहने लगती है?
क्लीवलैंड क्लीनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों में शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए अधिक बलगम (म्यूकस) बनाता है। जब यह बलगम बढ़ जाता है, तो नाक के रास्ते बाहर निकलने लगता है। इसके अलावा ठंडी हवाएं भी नाक की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे म्यूकस का उत्पादन बढ़ जाता है। यही वजह है कि ठंड बढ़ते ही नाक बहना एक आम समस्या बन जाती है।
सर्दियों में नाक बहने के मुख्य कारण
1. संक्रमण
जुकाम या फ्लू जैसे वायरल संक्रमण में नाक की परत में सूजन आ जाती है। इससे म्यूकस बनना बढ़ता है और नाक बहने लगती है।
2. एलर्जी
डस्ट, पोलन, पालतू जानवर के बाल या मौसम बदलने पर एलर्जी भी नाक बहने की बड़ी वजह है।
3. साइनस की सूजन
साइनुसाइटिस में नाक के मार्ग सूज जाते हैं। इससे म्यूकस फंसता भी है और बढ़ता भी है, जिससे नाक लगातार बहती रहती है।
4. ठंडी हवाएं
सर्द हवाएं नाक की लाइनिंग को ड्राई और संवेदनशील बना देती हैं। इससे शरीर रक्षा के तौर पर ज्यादा म्यूकस बनाता है।
जुकाम कब होता है खतरनाक?
अगर जुकाम के साथ तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी, गले में तेज दर्द या सीने में भारीपन हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कमजोर इम्युनिटी वाले लोग, धूम्रपान करने वाले और बच्चे इस समस्या के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
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