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News Samvad : ईशान किशन के लिए दलीप ट्रॉफी का यह मुकाबला लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी खुशी लेकर आया। ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला गया फाइनल मैच ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त के दम पर ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। इस जीत के साथ ईशान किशन ने 13 साल बाद खिताबी सूखे को खत्म किया। ईस्ट जोन की इस जीत में कप्तान ईशान किशन का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने पहली पारी में 270 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने 80 रन बनाए। यानी पूरे मैच में ईशान के बल्ले से कुल 350 रन निकले।
पहली पारी में ईशान ने खेली 270 रन की पारी
ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम को शुरुआत से ही बड़े स्कोर की जरूरत थी और कप्तान ईशान किशन ने इसकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। उन्होंने 270 रन की पारी खेलकर साउथ जोन के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं।ईशान की इस बड़ी पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े स्कोर के बाद साउथ जोन पर दबाव साफ नजर आया। जवाब में साउथ जोन की पूरी टीम पहली पारी में 336 रन पर आउट हो गई। इस तरह ईस्ट जोन को पहली पारी के आधार पर 372 रन की बड़ी बढ़त मिल गई।
फॉलोऑन नहीं दिया, दूसरी पारी में भी बनाए 388 रन
372 रन की बढ़त हासिल करने के बाद ईस्ट जोन के पास साउथ जोन को फॉलोऑन देने का विकल्प था, लेकिन टीम ने दोबारा बल्लेबाजी करने का फैसला किया। दूसरी पारी में ईस्ट जोन ने सात विकेट पर 388 रन बनाकर पारी घोषित की। इस पारी में भी ईशान किशन का बल्ला चला और उन्होंने 80 रन बनाए। इसके बाद मैच ड्रॉ पर खत्म हो गया। हालांकि पहली पारी में मिली 372 रन की बढ़त के कारण ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया।
कप्तान के तौर पर 16 मैचों से नहीं हारे ईशान
दलीप ट्रॉफी जीतने के साथ ईशान किशन ने कप्तानी में एक खास रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तान के तौर पर वह लगातार 16 मैचों से अजेय हैं। इन 16 मैचों में ईशान की टीम ने 8 मुकाबले जीते हैं, जबकि 8 मैच ड्रॉ रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इस दौरान टीम को एक भी हार नहीं मिली। इस रिकॉर्ड के साथ ईशान प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तान के तौर पर सबसे लंबे अजेय क्रम के मामले में संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं।
ईशान से आगे कौन-कौन?
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तान के तौर पर सबसे लंबे समय तक अजेय रहने का रिकॉर्ड श्रीलंका के महिंदा हलंगोडा के नाम है। उनकी कप्तानी में टीम 1989 से 1993 के बीच लगातार 30 प्रथम श्रेणी मैचों में नहीं हारी थी। इस दौरान टीम ने 15 मैच जीते और 15 मुकाबले ड्रॉ रहे। इस सूची में मिलिंद गुंजाल 24 मैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। तौफीक उमर और उपुल चंदना के नाम 20-20 मैचों का अजेय क्रम है। बृजेश पटेल और लक्षण एडिरिसिंघे भी इस सूची में शामिल हैं। ईशान किशन का 16 मैचों का अजेय क्रम सचित्रा सेरासिंघे के बराबर है। दोनों ने कप्तान के तौर पर 16-16 प्रथम श्रेणी मैचों में हार का सामना नहीं किया।
2018 में शुरू हुआ था ईशान का कप्तानी सफर
ईशान किशन का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कप्तानी का सफर 2018-19 रणजी ट्रॉफी से शुरू हुआ था। उस समय उन्हें झारखंड की कप्तानी सौंपी गई थी। उन्होंने उस सीजन में झारखंड के लिए छह मैचों में कप्तानी की। इसके बाद 2024-25 सीजन में ईशान एक बार फिर झारखंड के कप्तान बने। उन्होंने इस दौरान चार मुकाबलों में टीम की कमान संभाली। 2025-26 सीजन में भी ईशान ने झारखंड की कप्तानी जारी रखी और तीन मैचों में टीम का नेतृत्व किया। इसके बाद हाल ही में खत्म हुई दलीप ट्रॉफी में उन्होंने ईस्ट जोन की कप्तानी की। इस तरह कप्तान के तौर पर ईशान के प्रथम श्रेणी मैचों की संख्या 16 हो गई है। इन सभी मुकाबलों में उनकी टीम अजेय रही है।
8 जीत और 8 ड्रॉ, हार अब तक नहीं
ईशान किशन की कप्तानी में खेले 16 प्रथम श्रेणी मैचों का रिकॉर्ड बेहद खास है। उनकी टीम ने इनमें से आधे यानी आठ मुकाबले जीते, जबकि आठ मैच ड्रॉ रहे।
ईशान किशन की कप्तानी में प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड:
| मैच | जीत | हार | ड्रॉ |
|---|---|---|---|
| 16 | 8 | 0 | 8 |
28 साल के ईशान के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह अभी अपने कप्तानी करियर के शुरुआती दौर में हैं। दलीप ट्रॉफी की जीत ने उनके रिकॉर्ड में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है। अब ईशान की नजर इस अजेय क्रम को और आगे ले जाने पर होगी। अगर उनकी टीम इसी तरह प्रदर्शन करती रही, तो वह आने वाले समय में इस सूची में कई बड़े नामों को पीछे छोड़ सकते हैं।
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