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Barabanki (Uttar Pradesh) : बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव का छोटा सा आंगन हमेशा सुबह की हल्की हलचल और मवेशियों की चरमराहट से गूंजता रहता था। लेकिन मंगलवार की सुबह उस गूंज में डर और उदासी घुल गई। राकेश कुमार यादव के तीन मवेशी, जो उनके परिवार का रोजमर्रा का सहारा थे, अचानक गायब हो गये। राकेश ने बताया कि वे सोमवार शाम को मवेशियों को खूंटे से बांधकर सोने गए थे। सुबह जब उठे, तो उनका जीवनसाथी जैसे उनकी आंखों के सामने गायब हो गए थे।
कटे हुए अवशेषों ने तोड़ा परिवार का दिल
ग्रामीणों के साथ मिलकर खोजबीन की गई। थोड़ी दूरी पर, रोशन चक मोड़ के पास, मवेशियों के कटे हुए अवशेष अलग-अलग जगह पड़े मिले। यह नजारा देखकर गांव के बुजुर्ग और बच्चे सब स्तब्ध रह गए। छोटे बच्चे डर और रोने के मारे एक-दूसरे के पास छिप गए। कुछ बुजुर्गों ने सिर पकड़कर खड़े होकर यह सोचने की कोशिश की कि आखिर ऐसा निर्दय अपराध क्यों हुआ। यह घटना सिर्फ मवेशियों की हत्या नहीं थी, बल्कि परिवार की आजीविका और गांव की शांति पर हमला था।
पुलिस ने उठाए कड़े कदम
मसौली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू में किए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
गांव और समाज में उठता आक्रोश
पीड़ित परिवार ने कहा कि यह किसी की योजनाबद्ध हरकत थी। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में लोगों में भारी आक्रोश है। हिंदू संगठनों और स्थानीय नेताओं ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। अंतरराष्ट्रीय महामंडलेश्वर बाबा महादेव ने इसे बेहद विभत्स बताते हुए कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी की मांग की।
क्या बोले थानेदार
थानेदार अजय प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने गांववालों से सहयोग और सतर्क रहने की अपील भी की। हर गांववाले की आंखों में डर और गुस्सा साफ देखा जा सकता है। और यही डर, यही गुस्सा अब पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी बन गया है कि वे अपराधियों को पकड़ें और गांव को सुरक्षा का भरोसा दें।
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