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Ranchi : रांची के एयरपोर्ट थाना इलाके में स्थित “द टीटोस रेस्टोरेंट” में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया था। बीते 7 मार्च की रात को लोग अभी तक भूले नहीं हैं, जब खाना खा रहे लोगों के बीच अचानक गोलियां चलने लगीं और एक जिंदादिल युवक की जान चली गई। अब करीब 9 दिन बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड से पर्दा उठा दिया है। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़े गैंग का नेटवर्क काम कर रहा था।
वो रात जब रेस्टोरेंट में मच गई अफरा-तफरी
7 मार्च की रात करीब सवा आठ बजे का वक्त था। “द टीटोस रेस्टोरेंट” में रोज की तरह लोग खाना खा रहे थे, स्टाफ अपने काम में लगा था। तभी अचानक कुछ बदमाश अंदर घुसे। किसी को कुछ समझ आता, उससे पहले ही बदमाशों ने गोलियां दागनी शुरू कर दी। इस फायरिंग में होटल का स्टाफ मनीष गोप को गोली लग गयी। गोली लगते ही मनीष जमीन पर गिर पड़ा। रेस्टोरेंट में चीख-चित्कार मच गया, लोग इधर-उधर भागने लगे। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए और पीछे छोड़ गए दहशत और एक मौत।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
घटना के अगले ही दिन एयरपोर्ट थाना में केस दर्ज हुआ। मामला संवेदनशील था, इसलिए रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने तुरंत एसआईटी का गठन किया। सिटी एसपी पारस राणा की निगरानी में और हटिया डीएसपी पीके मिश्रा के नेतृत्व में टीम बनाई गई। पुलिस के सामने चुनौती साफ थी, जल्द से जल्द अपराधियों तक पहुंचना और इस हत्याकांड की असली वजह सामने लाना।
सुराग से सच्चाई तक
शुरुआती जांच में पुलिस को शक हुआ कि इस वारदात के पीछे कोई संगठित गैंग है। मोबाइल ट्रैकिंग, लोकल इनपुट और मुखबिरों की मदद से धीरे-धीरे तस्वीर साफ होने लगी। जांच में गैंगस्टर प्रिंस खान का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों और उसके नेटवर्क पर नजर रखना शुरू किया।
धनबाद में घेराबंदी और मुठभेड़
इसी दरम्यान 16 मार्च की सुबह पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि प्रिंस खान के कुछ गुर्गे धनबाद के बोरागढ़-भागाबांध इलाके में एक खंडहरनुमा मकान में छिपे हुए हैं। रांची और धनबाद पुलिस की टीम ने बिना देर किए इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही अपराधियों को भनक लगी कि पुलिस पहुंच चुकी है, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। दोनों तरफ से गोलियां चलीं और गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। इस मुठभेड़ में विक्की डोम और कुबेर सिंह के पैर में गोली लगी, जबकि अफजल अमन भागने के दौरान घायल हो गया। तीनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
मुठभेड़ के बाद चार गिरफ्तार
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके नाम कुबेर उर्फ मनीष सिंह उर्फ अमन सिंह, अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ विराट कोहली, पप्पू भुइया और मो शद्दाब आलम उर्फ डॉक्टर बताये गये। कुबेर पलामू का रहने वाला है। वहीं, बाकी के तीन आरोपी धनबाद के रहने वाले हैं। घटनास्थल से पुलिस ने अवैध हथियार, गोलियां और खोखे बरामद किए। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई एक पल्सर बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गश्ती गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा।
गैंग का गठजोड़, बढ़ता खतरा
पूछताछ में एक और अहम खुलासा हुआ। यह पूरा कांड गैंगस्टर प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा के गठजोड़ का नतीजा था। दोनों गिरोह अब मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे अपराध का दायरा और खतरनाक हो गया है। पुलिस को इस नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का इलाज चल रहा है, जबकि बाकी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी हो रही है।
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