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Lucknow : उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की चाल काफी धीमी नजर आ रही है। आमतौर पर 18 से 20 जून के बीच प्रदेश में पहुंचने वाला मानसून इस बार 23 जून तक भी सक्रिय नहीं हो पाया है। इसका असर अब खेतों और किसानों की चिंता के रूप में साफ दिखाई देने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अलनीनो का प्रभाव मानसून की रफ्तार को प्रभावित कर रहा है, जिसके कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश सामान्य से काफी कम हुई है।
75 में से 54 जिलों में सामान्य से कम बारिश
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, 1 जून से 23 जून के बीच प्रदेश के 75 जिलों में से 54 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें से 37 जिलों की स्थिति ज्यादा चिंताजनक है, जहां बारिश में 60 से 99 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। बारिश की कमी का सीधा असर धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ रहा है। मक्का, अरहर और हरी सब्जियों की खेती भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
कई जिलों में सूखे जैसे हालात
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 37 जिलों में सामान्य बारिश की तुलना में 60 से 99 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है। यह स्थिति सूखे जैसे हालात पैदा कर रही है। वहीं 17 जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके उलट केवल 11 जिलों में सामान्य बारिश हुई है, जबकि नौ जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
कौशांबी सबसे ज्यादा प्रभावित
बारिश की कमी के मामले में कौशांबी सबसे ऊपर है। यहां पूरे जून महीने में अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है। इस वजह से जिले में 100 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। किसानों की चिंता सबसे ज्यादा इसी जिले में बढ़ी हुई है क्योंकि धान की रोपाई का समय तेजी से निकलता जा रहा है।
आगरा, एटा समेत कुछ जिलों में राहत
जहां प्रदेश के अधिकांश जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं कुछ जिलों में अच्छी वर्षा हुई है। आगरा, एटा, हाथरस और संभल में सामान्य से 60 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कन्नौज, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, मथुरा और मुजफ्फरनगर में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इन जिलों में किसानों को फिलहाल राहत मिली हुई है।
पूर्वांचल और अवध क्षेत्र पर सबसे ज्यादा असर
कम बारिश का सबसे ज्यादा असर पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, गोंडा, जौनपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, संतकबीरनगर, वाराणसी, सोनभद्र और कई अन्य जिलों में भारी वर्षा कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा गोरखपुर, गाजीपुर, रायबरेली, सीतापुर, सुल्तानपुर, बरेली, बिजनौर, सहारनपुर और शाहजहांपुर जैसे जिलों में भी सामान्य से कम बारिश हुई है।
किसानों की बढ़ी चिंता, मानसून का इंतजार
बारिश की कमी से खेतों में नमी नहीं बन पा रही है, जिससे धान की नर्सरी और रोपाई का काम प्रभावित हो रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन की फसलों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल किसानों की नजर आसमान पर टिकी है और सभी को मानसून के सक्रिय होने का इंतजार है।

