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Lucknow : नोएडा के जेवर में बन रहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ के नाम से जाना जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस नामकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने के मौके पर यह बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता कर कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी और साथ ही प्रधानमंत्री के सम्मान में पारित अभिनंदन प्रस्ताव का ब्योरा साझा किया।
सीएम ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री की ओर से मिला बहुत बड़ा तोहफा है। यह परियोजना आने वाले वक्त में प्रदेश के कारोबार, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का मुख्य केंद्र बनेगी। इसी भावना को ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने साफ किया कि उत्तर प्रदेश सरकार केंद्र के सहयोग से राज्य को नई ऊंचाई पर ले जाने के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।
काशी से जुड़ाव और बदलती बुनियादी सुविधाओं का सफर
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश से बेहद गहरा नाता रहा है। वे काशी से सांसद हैं और यहीं से पूरे देश का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्ष 2014 में काशी आगमन के बाद से पूरे प्रदेश में विकास की एक नई कार्यशैली देखने को मिली। पिछले वर्षों में प्रदेश के भीतर सड़कों, एक्सप्रेसवे और सार्वजनिक परिवहन का ढांचा पूरी तरह बदल गया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन जैसी परियोजनाओं ने राज्य में आवागमन को बेहद सुगम बना दिया है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे बड़े शहरों में मेट्रो का विस्तार किया गया है। जेवर एयरपोर्ट इसी आधुनिक कनेक्टिविटी की सबसे बड़ी कड़ी साबित होने जा रहा है।
औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि प्रदेश अब देश का बड़ा लॉजिस्टिक्स केंद्र बन रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा राज्य से होकर गुजर रहा है। वाराणसी में देश का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट जैसे काम रक्षा और उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं। इसके साथ ही एक जिला-एक उत्पाद योजना के जरिए राज्य के पारंपरिक हुनर जैसे काशी की गुलाबी मीनाकारी, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की जरदोजी को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाई गई है।
गरीबों और किसानों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाएं
प्रेस वार्ता में सीएम ने आम जनता के जीवन में आए बदलावों की चर्चा करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि, फसल ऋण और रिकॉर्ड गन्ना भुगतान के जरिए किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया गया है। प्रदेश के करोड़ों ग्रामीण और गरीब परिवारों को पक्के मकान, मुफ्त राशन और हर घर नल से जल जैसी मूलभूत सुविधाएं दी गई हैं। बुंदेलखंड और विंध्य जैसे इलाकों में पेयजल योजनाओं का सबसे बड़ा असर देखने को मिला है। आयुष्मान भारत योजना से करोड़ों लोगों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है, जबकि गोरखपुर और रायबरेली में बने एम्स से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत हुई है।
महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर सीएम ने कहा कि लखपति दीदी अभियान और स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर करोड़ों महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुफ्त गैस कनेक्शन और संपत्ति के मालिकाना हक के लिए घरौनी वितरण जैसे कदमों से ग्रामीण इलाकों में बड़ा बदलाव आया है। युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए टैबलेट और स्मार्टफोन बांटे गए हैं, साथ ही सरकारी और निजी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार किए गए हैं।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण और ऐतिहासिक विरासतों का सम्मान
विकास कार्यों के साथ ही सीएम ने प्रदेश में हुए सांस्कृतिक बदलावों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से सदियों पुराना सपना पूरा हुआ है, वहीं काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प ने श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन को बेहद सुलभ बना दिया है। विदेशों से प्राचीन मूर्तियों और ऐतिहासिक अवशेषों की सुरक्षित वापसी देश के सांस्कृतिक गौरव को दर्शाती है।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ से लेकर काशी तमिल संगमम और बौद्ध सर्किट के विकास ने उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र बना दिया है। इसके अलावा महामना मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा जाना प्रदेश के महान विचारकों और विभूतियों के प्रति सच्चे सम्मान को दर्शाता है। राज्य सरकार आने वाले समय में भी विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
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