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Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह की हत्या का मामला जितना पुराना हो रहा है, उतने ही चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पिता की हत्या करने के बाद आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह के चेहरे पर जरा भी घबराहट या पछतावा नहीं था। उसने घर में ऐसा सामान्य माहौल बना दिया कि किसी को वारदात की भनक तक नहीं लगी।
हत्या के बाद बाजार से पनीर और मिठाई लाया
जानकारी के मुताबिक, हत्या करने के बाद अक्षत बाजार गया और पनीर व मिठाई खरीदकर घर लाया। परिवार में खाना बनाने की जिम्मेदारी उसकी चाची की थी, इसलिए उसने चाची को पनीर दिया और कहा कि खाना बना लें।
चाची ने खाना तैयार किया और फिर अक्षत घर के बाकी लोगों के साथ बैठकर सामान्य तरीके से खाना खाता रहा। इतना ही नहीं, उसने मिठाई भी खिलाई ताकि किसी को शक न हो कि घर के अंदर कोई खौफनाक वारदात हो चुकी है।
परिवार के लोगों को यह अंदाजा तक नहीं था कि जिस समय वे साथ बैठकर खाना खा रहे हैं, उसी घर में मानवेंद्र का शव पड़ा हुआ है।
बहन को दी जान से मारने की धमकी
वारदात के वक्त अक्षत की बहन कृति भी कमरे में मौजूद थी। पिता की हत्या देखने के बाद वह सदमे में चली गई। पुलिस जांच में सामने आया कि अक्षत ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसे भी मार देगा।
डर का आलम यह था कि 20 फरवरी को कृति परीक्षा देने स्कूल भी गई। उसने परीक्षा दी, लेकिन किसी से कुछ नहीं बताया और चुपचाप घर लौट आई। दोस्तों और कॉलोनी के लोग भी इस बात से हैरान हैं कि उसने किसी से मदद नहीं मांगी।
पिता ने बच्चों के लिए नहीं की दूसरी शादी
परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, मानवेंद्र अपनी बेटी से बेहद प्यार करते थे। बच्चों की देखभाल में कोई कमी न रहे, इसलिए उन्होंने दूसरी शादी तक नहीं की। वे बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हीं के कमरे में सोते थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनका अपना बेटा ही उनकी जान ले लेगा।
अंतिम संस्कार का अधिकार भी खो दिया
बुधवार को हत्या के छह दिन बाद मानवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में किया गया। आरोपी अक्षत की जगह उसके चचेरे भाई कृत सिंह ने मुखाग्नि दी।
शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां बार-बार बेसुध हो रही थीं और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका भावुक हो उठा।
जेल पहुंचकर अजीब हरकतें करने लगा आरोपी
गिरफ्तारी के बाद अक्षत को जिला जेल भेजा गया, जहां वह अजीब व्यवहार करता रहा। वह बार-बार कह रहा था, “मैं गिर जाऊंगा… पापा ने मुझे मारा तो मैंने उन्हें मार दिया।”
उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे डॉक्टरों की निगरानी में अस्पताल में भर्ती कराया है और उसकी काउंसिलिंग भी कराई जा रही है।
पुलिस जांच में क्या आया सामने
पुलिस के मुताबिक, 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर विवाद हुआ था। गुस्से में अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद उसने शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर नीचे लाया और ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पहले नदी में फेंकने का प्लान था, लेकिन वजन ज्यादा होने के कारण वह सफल नहीं हुआ। फिर उसने आरी खरीदकर शव के टुकड़े कर दिए। हाथ-पैर पारा इलाके में फेंक दिए गए, जबकि धड़ घर में नीले ड्रम में मिला।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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