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Lucknow : प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए जल्द ही एक बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की सरकार “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” लॉन्च करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत पात्र शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। फिलहाल इसके लिए तैयार किया गया ऑनलाइन पोर्टल परीक्षण के दौर से गुजर रहा है।
सालाना 5 लाख रुपये तक का मिलेगा कैशलेस इलाज
योजना लागू होने के बाद लाभार्थी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना जेब से पैसा खर्च किए इलाज करा सकेंगे। इलाज का खर्च तय सीमा तक सीधे योजना के माध्यम से वहन किया जाएगा। इससे गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या अचानक आने वाले चिकित्सा खर्च के समय कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।सरकार का मानना है कि इस योजना से लाखों शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे।
डेटा की शुद्धता पर दिया जा रहा विशेष ध्यान
स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज़) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी Archana Verma ने बताया कि योजना के औपचारिक शुभारंभ से पहले पात्र कर्मचारियों का डेटा जुटाने और उसे पूरी तरह त्रुटिरहित बनाने का काम चल रहा है।पिछले अनुभवों में कई बार कर्मचारियों के नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर या परिवार के सदस्यों से जुड़ी जानकारी में अंतर पाया गया था। ऐसी गड़बड़ियों के कारण कार्ड जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित होती थी और कई आवेदन लंबित रह जाते थे। इसी वजह से इस बार डेटा सैनेटाइजेशन यानी जानकारी को पूरी तरह सही और एकरूप बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
3.5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों का डेटा जुटाया गया
साचीज़ की ओर से एक विशेष डेटा कलेक्शन पोर्टल विकसित किया गया है। इसके जरिए कर्मचारियों और उनके आश्रितों का विवरण एक समान प्रारूप में एकत्र किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार अब तक 3.5 लाख से अधिक पात्र कर्मचारियों का डेटा संकलित किया जा चुका है। विभाग का मानना है कि सही और शुद्ध डेटा उपलब्ध होने से कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी और ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों तक योजना का फायदा पहुंचाया जा सकेगा।
परीक्षण के दौर में है ऑनलाइन पोर्टल
अभी पोर्टल का बीटा वर्जन टेस्टिंग चरण में है। इस दौरान कार्ड निर्माण, लाभार्थियों का सत्यापन, अस्पतालों के साथ समन्वय और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण सफल होने के बाद योजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड जारी किए जाएंगे।
लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
योजना लागू होने के बाद सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी इसका लाभ उठा सकेंगे। स्वास्थ्य संबंधी बड़े खर्चों का बोझ कम होने से परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और जरूरत पड़ने पर समय पर इलाज कराना आसान होगा।सरकार को उम्मीद है कि यह योजना प्रदेश के शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच साबित होगी।
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