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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : शनिवार की सुबह रामगढ़ के अरगड्डा इलाके से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे कोयलांचल को स्तब्ध कर दिया। रोजी-रोटी की तलाश में बंद पड़ी खदान में कोयला निकालने गए चार युवक जिंदा वापस नहीं लौट सके। खदान के भीतर ऐसी स्थिति बनी कि चारों की जान चली गई। जब उनके शव बाहर निकाले गए तो मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
सुबह घर से निकले थे, किसी ने नहीं सोचा था आखिरी सफर होगा
जानकारी के मुताबिक टोंगी गांव के रहने वाले देवा और डब्ल्यू शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे बंद पड़ी भूमिगत खदान में कोयला निकालने के लिए गए थे। कुछ समय बाद सिरका बुथबाजार के किशोर और आशीष भी उसी खदान में उतर गए। स्थानीय लोगों के अनुसार खदान के भीतर जाने के बाद चारों युवकों का संपर्क बाहर मौजूद लोगों से टूट गया। काफी देर तक जब कोई बाहर नहीं निकला तो अनहोनी की आशंका बढ़ गई। धीरे-धीरे खबर गांव में फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जुटने लगी।

खदान के बाहर मचा हड़कंप, मदद के लिए दौड़े लोग
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही कुजू ओपी पुलिस, नयीसराय माइंस रेस्क्यू टीम, अग्निशमन विभाग और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। खदान की स्थिति काफी जोखिम भरी थी। इसके बावजूद रेस्क्यू टीम ने सुरक्षा उपकरणों के साथ अंदर प्रवेश किया। करीब 11 बजे शुरू हुए बचाव अभियान में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग आधे घंटे की कोशिश के बाद चारों युवकों को बाहर निकाला गया।
अस्पताल पहुंचते ही टूट गई परिजनों की उम्मीद
जब चारों युवकों को खदान से बाहर निकाला गया तो परिजनों और ग्रामीणों की उम्मीदें अभी भी जिंदा थीं। सभी को तुरंत रामगढ़ सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के लोग भी सदमे में नजर आए। एक ही हादसे में चार युवकों की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।

ऑक्सीजन की कमी बनी मौत की वजह
रेस्क्यू टीम के सदस्य विकास कुमार ने बताया कि शुरुआती तौर पर ऐसा लग रहा है कि खदान के भीतर ऑक्सीजन की कमी थी। इसी वजह से चारों युवक बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके। हालांकि कुछ स्थानीय लोग जहरीली गैस के रिसाव की आशंका भी जता रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
फिर सवालों के घेरे में अवैध खनन
इस हादसे के बाद बंद खदानों में चल रहे अवैध कोयला खनन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कोयलांचल क्षेत्र में कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन पूरी तरह बंद नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंद खदानों में लगातार लोगों की आवाजाही होती है और कोयला निकालने का काम भी चलता रहता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के बावजूद यह सब कैसे जारी है।

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